कोप्पल-रायचूर में पेयजल संकट की आशंका
लाखों किसानों में चिंता
कोप्पल. जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली तुंगभद्रा जलाशय की बाईं तट मुख्य नहर में भारी दरार के बाद बड़ा हिस्सा टूट जाने से बड़ी मात्रा में पानी नदी में बह गया। यह घटना कोप्पल तालुक के बसापुर गांव के पास मंगलवार देर रात हुई, जिससे किसानों और आम जनता में चिंता का माहौल है।
किसानों के अनुसार, हिट्नाल के समीप नहर में देर रात दरार दिखाई दी, जो कुछ ही समय में बड़े टूटाव में बदल गई। परिणामस्वरूप पानी तेजी से नदी की ओर बहने लगा। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया।
गर्मी को देखते हुए तुंगभद्रा जलाशय से कोप्पल और रायचूर जिलों के शहरों, गांवों और तालाबों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 16 मार्च से 27 मार्च तक 2000 क्यूसेक पानी छोडऩे का कार्यक्रम तय किया गया था। लेकिन नहर टूटने से यह पूरा शेड्यूल प्रभावित हो गया है।
इस नहर से जुड़े क्षेत्रों में अब पेयजल संकट की आशंका गहरा गई है। साथ ही सिंचाई पर निर्भर लाखों किसानों की फसलें भी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी तुंगभद्रा डैम के क्रेस्ट गेट टूटने से भारी नुकसान हुआ था। अब नहर टूटने की घटना ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
स्थानीय लोगों और किसानों ने सरकार से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि गर्मी के दिनों में जल संकट से बचा जा सके।

