मेधावी छात्र सम्मान एवं उत्तर कर्नाटक टीपीएफ शपथ ग्रहण समारोह
हुब्बल्ली. तेरापंथ भवन, हुब्बल्ली में रविवार को तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) के तत्वावधान में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम मेधावी छात्र सम्मान समारोह और उत्तर कर्नाटक टीपीएफ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए गए थे।
कार्यक्रम का आयोजन मुनि विनीत कुमार एवं मुनि पुनीत कुमार के सानिध्य में तथा टीपीएफ दक्षिण भारत अध्यक्ष विक्रम कोठारी की अध्यक्षता में हुआ।
सर्वप्रथम मुनि पुनीत कुमार ने सभा को संबोधित किया। इसके बाद मंगलाचरण के बाद विक्रम कोठारी ने अंकित खीवेसरा को उत्तर कर्नाटक टीपीएफ अध्यक्ष के तौर पर तथा उनकी पूरी टीम को शपथ दिलाई।
पूर्व अध्यक्ष विनोद वेदमुथा ने सभी का स्वागत किया। विक्रम कोठारी ने टीपीएफ के उद्देश्यों और कार्यों की जानकारी दी।
इस अवसर पर दक्षिण भारत मंत्री भरत भंसाली, अंकित खीवेसरा, यूकेटीएएस अध्यक्ष राजेंद्र जीरावला, हुब्बल्ली सभा अध्यक्ष परसमल भंसाली, दक्षिण भारत उपाध्यक्ष अनिल नाहर तथा विशाल बोहरा ने विचार प्रकट किए।
ज्ञान और आचरण आवश्यक
मुनि विनीत कुमार ने कहा कि “आहसु विज्ज्ञाचरणं पमोक्खं” (विद्या और आचरण से ही मोक्ष संभव है।)। जिस प्रकार चलने के लिए नेत्र और चरण दोनों आवश्यक हैं, उसी प्रकार मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी ज्ञान और आचरण दोनों का होना आवश्यक है। क्रिया के बिना ज्ञान पंगु है और ज्ञान के बिना क्रिया अंधी है। सदाचार, ज्ञान का फल है। यदि ज्ञान के बाद आचरण न हो तो वह व्यर्थ है। इसलिए साधक को ज्ञान और क्रिया दोनों को अपनाना चाहिए।
मेधावी छात्र सम्मान
इस अवसर पर कुल 35 छात्रों का सम्मान किया गया, जिनमें 9 प्रोफेशनल छात्र तथा 10वीं और 12वीं के 26 विद्यार्थी शामिल थे।
कोप्पल, बल्लारी, गुलबर्गा (कलबुर्गी), रायचूर, सिंधनूर, हावेरी, गदग, हिरियूर और हुब्बल्ली आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रावक समाज उपस्थित रहा। संयोजक विशाल बोहरा, सह-संयोजक मनिल वेदमुथा एवं कोषाध्यक्ष चिराग कटारिया का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का संचालन ख़ुशी ने किया। टीपीएफ मंत्री विशाल कटारिया ने आभार प्रकट किया।

