बसवराज दद्दल को अध्यक्ष बनाने से वाल्मीकि समाज का अपमान
बंगारू हनुमंतु ने कहा
दावणगेरे. वाल्मीकि जात्रा (मेला)समिति के अध्यक्ष पद पर विधायक बसवराज दद्दल की नियुक्ति को लेकर राज्य भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष बंगारू हनुमंतु ने तीखा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि विकास निगम घोटाले में नाम आने वाले व्यक्ति को जात्रा समिति का अध्यक्ष बनाना पूरे वाल्मीकि समाज का अपमान है और यह राज्य सरकार की दोहरी नीति को उजागर करता है।
हरिहर स्थित वाल्मीकि पीठ में आयोजित जात्रा में शामिल होने पहुंचे बंगारू हनुमंतु ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वाल्मीकि समाज में कई योग्य विधायक और नेता मौजूद हैं, इसके बावजूद विवादित नाम वाले व्यक्ति को इतना महत्वपूर्ण दायित्व सौंपना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री पर निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि वाल्मीकि विकास निगम घोटाले में संलिप्तता की बात स्वयं मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्वीकार की थी। इसके बावजूद ऐसे व्यक्ति को सम्मानजनक पद देना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए बंगारू हनुमंतु ने कहा कि खुद को अहिंदा नेता कहने वाले मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति उपयोजना (एससी-एसटी) की राशि को गारंटी योजनाओं में खर्च कर रहे हैं, जो अन्यायपूर्ण है। यह धन एससी-एसटी समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए निर्धारित है और इसे उसी उद्देश्य के लिए उपयोग करना चाहिए।
विकास की मांग
बंगारू हनुमंतु ने सरकार से मांग की कि वाल्मीकि समुदाय के समग्र विकास के लिए पर्याप्त अनुदान उपलब्ध कराना चाहिए और वाल्मीकि विकास निगम को तुरंत आवश्यक धन जारी करना चाहिए।
इस मौके पर वाल्मीकि समाज के कई नेता, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित थे। बंगारू हनुमंतु का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और राज्य सरकार के खिलाफ आलोचना और तेज हो गई है।

