बल्लारी के कोलगल्लु में तनाव गहराया, जत्रा को लेकर भी टकराव
बल्लारी. बल्लारी तालुक के कोलगल्लु गांव में जातीय विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे पूरा गांव दो हिस्सों में बंट गया है। आपसी तनाव के चलते गांव की सभी 8 नाई (क्षौर) की दुकानें 1 मार्च से बंद हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव में कुरुबा, वाल्मीकि और मादिगा समुदायों के बीच लंबे समय से मनमुटाव चला आ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि नाई किसी भी समुदाय के लोगों की सेवा करने से बच रहे हैं। एक नाई ने कहा कि किसी एक का काम करें तो दूसरा नाराज हो जाता है, इसलिए दुकान बंद करना ही बेहतर समझा।
दूसरे ने कहा कि दोनों पक्षों के झगड़े में नुकसान हमारा हो रहा है। जब माहौल शांत होगा, तब ही दुकान खोलेंगे। वहीं, कुछ लोग अब जीविका के लिए खेतों में मजदूरी करने को मजबूर हैं।
दुकानें बंद होने से लोग अब बाल कटवाने के लिए बल्लारी शहर जा रहे हैं। कुछ लोग घर बुलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन डर के कारण कोई जाने को तैयार नहीं है। यही स्थिति गांव के होटलों में भी देखने को मिल रही है, जहां लोगों के बैठने पर भी अनौपचारिक रोक लगाई गई है।
जत्रा को लेकर भी विवाद
गांव में होने वाली एर्रिताता जत्रा और रथोत्सव को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। एक पक्ष आयोजन के खिलाफ है, जबकि दूसरा पक्ष इसे कराने पर अड़ा हुआ है।
प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद के ने कहा कि स्थिति को गंभीरता से लिया गया है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जत्रा के आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श जारी है।
विवाद की जड़
बताया जा रहा है कि 1 मार्च को एक बार में शराब पीने के दौरान हुए विवाद ने इस तनाव को और बढ़ा दिया। इस मामले में जातिसूचक टिप्पणी को लेकर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है, जिसके बाद गांव में तनाव और गहरा गया है।

