जुड़वां शहर में गहराया जल संकटकुंदगोल तालुक के कोडलिवाड़ गांव में बंद पड़ा शुद्ध जल संयंत्र।

कई इलाकों में 8-10 दिन बाद मिल रहा पानी

बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ी पानी की मांग

खराब पड़े शुद्ध जल संयंत्र

टैंकरों पर निर्भरता से लोग परेशान

हुब्बल्ली. गर्मी के बढ़ते तापमान के साथ हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन आवश्यकतानुसार आपूर्ति नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर निगम के कुछ वार्डों में प्रयोगात्मक तौर पर निरंतर जल आपूर्ति शुरू की गई है, लेकिन अधिकांश इलाकों में अभी भी 8 से 10 दिन में एक बार ही पानी दिया जा रहा है। इस कारण लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हुब्बल्ली के 18 और धारवाड़ के 7 क्षेत्रों में सप्ताह में एक बार टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है।

गर्मी के मौसम में पानी की कमी के साथ दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे रोकने के लिए जिले में कई स्थानों पर शुद्ध जल संयंत्र लगाए गए थे, लेकिन इनमें से कई खराब पड़े हैं। कम जल दबाव, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, कॉइन बॉक्स की खराबी और खराब रखरखाव के कारण कई संयंत्र बंद हो गए हैं।

नगर निगम क्षेत्र में कुल 63 शुद्ध जल संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 10 वर्तमान में बंद हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 467 संयंत्र लगाए गए थे। इनमें से 360 चालू हैं, जबकि 107 मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं।

ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता जगदीश पाटिल ने बताया कि खराब रखरखाव के कारण निजी एजेंसियों को दिए गए 52 संयंत्रों के ठेके रद्द कर 50 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। इस राशि और सरकारी निधि से संयंत्रों की मरम्मत कराई जा रही है और जल्द ही इनके संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी।

इस बीच नागरिकों का कहना है कि कई क्षेत्रों में 10 दिन में केवल दो घंटे के लिए पानी छोड़ा जाता है, जो जरूरत के मुकाबले बहुत कम है। अधिकारियों के अनुसार शहर में चल रही जल आपूर्ति परियोजना के तहत अतिरिक्त 43 एमएलडी पानी उपलब्ध होगा। इसके बाद मार्च के अंत या अप्रेल के प्रारंभ से लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्रों में चार दिन में एक बार पानी देने की योजना है।

फिलहाल, बढ़ती गर्मी और सीमित जल आपूर्ति के कारण शहर के कई इलाकों में पानी की समस्या लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

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जल शुद्धीकरण, पेयजल इकाइयों से संबंधित संख्यात्मक विवरण

ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद शुद्ध पेयजल इकाइयां – 467

ग्रामीण क्षेत्रों में बंद / निष्क्रिय पड़ी इकाइयां – 107

महानगर निगम क्षेत्र में स्थित इकाइयां – 63

महानगर निगम क्षेत्र में बंद / निष्क्रिय इकाइयां – 10

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By Bharat Ki Awaz

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