ओलावृष्टि से फसलों की भारी तबाहीकलघटगी तालुक के माचापुर गांव के पास खेत पर बिछी ओलों की चादर फाइल फोटो।

56 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित

आम समेत बागवानी फसलों को बड़ा नुकसान

हुब्बल्ली. कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार राज्य में 56 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे अन्नदाताओं के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि “हाथ आया निवाला भी मुंह तक नहीं पहुंच पाया।” खासकर आम उत्पादकों की बेहतर फसल की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

इस बीच प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग उठाई है। बीदर जिले में 51 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बागवानी फसलें तबाह हो गई हैं। आम, तरबूज, पपीता, प्याज और अन्य सब्जियां पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। यादगीर जिले में धान और ज्वार की फसल को नुकसान पहुंचा है।

बागलकोट जिले के बादामी और तेरदाल क्षेत्रों में पपीता, केला, अनार और सब्जी फसलें प्रभावित हुई हैं। यहां कुल 2400 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को क्षति हुई है। विजयपुर जिले में आम, अंगूर, अमरूद और चीकू की फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि गदग जिले में 15 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में आम की फसल बर्बाद हुई है।

शिवमोग्गा क्षेत्र में 10 हेक्टेयर सुपारी, 5 हेक्टेयर केला और 5 हेक्टेयर सब्जी फसल को नुकसान हुआ है। बल्लारी और विजयनगर जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण कटाई के लिए तैयार 602 हेक्टेयर धान और 5 हेक्टेयर केला नष्ट हो गया। बेलगावी जिले में 150.39 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें नष्ट हुई हैं, जिनकी कीमत लगभग 31.78 लाख रुपए आंकी गई है।

धारवाड़ जिले के कलघटगी क्षेत्र में करीब 450 एकड़ में आम, केला और सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचा है। चिक्कबल्लापुर जिले में अंगूर, आम, फूल-फल और सब्जियों सहित लगभग 2.5 करोड़ रुपए की फसल बर्बाद हुई है।

प्राकृतिक आपदा से हुए इस व्यापक नुकसान ने किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है, वहीं सरकार से शीघ्र राहत पैकेज की मांग तेज हो गई है।

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By Bharat Ki Awaz

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