जंगली हाथी का आतंक, कॉफी बागान उजड़ेहाथियों के हमले से क्षतिग्रस्त कॉफी बागान।

मूडिगेरे में 40 से अधिक हाथियों का हमला

किसानों ने सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग

मूडिगेरे (चिक्कमगलूरु). क्षेत्र में जंगली हाथियों के बढ़ते हमलों से किसानों की चिंता गहरा गई है। गोणिबीडु होबली (राजस्व केंद्र) के जी. होसहल्ली गांव सहित आसपास के इलाकों में 40 से अधिक हाथियों के झुंड ने कॉफी बागानों और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

गोणिबीडु होबली कृषक संघ के अध्यक्ष डी.एस. रमेश ने कहा कि यदि सरकार को वास्तव में किसानों की चिंता है तो जंगली हाथियों के हमलों पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बताया कि धर्मण्णा, शंकर, रामचंद्र सहित कई किसानों के कॉफी, सुपारी, काली मिर्च और केले के बागानों को हाथियों ने तहस-नहस कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, ये हाथी कूर्ग और हासन जिलों के वन क्षेत्रों से होते हुए बेलूर के कानहल्ली रिजर्व फॉरेस्ट के रास्ते गांवों में प्रवेश कर रहे हैं। ‘बीटम्मा’ और ‘भीम’ नामक दो प्रमुख झुंडों में करीब 30 हाथी शामिल हैं, जो लगातार गांवों और बागानों के आसपास डेरा डाले हुए हैं।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि किसान और मजदूर खेतों में जाने से डर रहे हैं, वहीं छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। हाल ही में जी. होसहल्ली में हाथियों ने घर परिसर में घुसकर कार और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया, जबकि कस्केबैल गांव में एक घर के स्विमिंग पूल तक पहुंचकर पानी पीने के बाद पौधों को नष्ट कर दिया।

किसानों ने सरकार से मांग की है कि हाथियों को जंगल की ओर खदेडऩे के लिए स्थायी समाधान निकालना चाहिए और फसल व संपत्ति के नुकसान का उचित मुआवजा देना चाहिए।

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By Bharat Ki Awaz

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