महिलाएं अबला नहीं सबला है

माहेश्वरी अस्पताल में मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

इलकल (बागलकोट). माहेश्वरी अस्पताल के प्रमुख डॉ. पवनकुमार दरक ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति में महिला को देवी का स्वरूप माना गया है। आज की महिलाएं अबला नहीं सबला हैं। महिलाएं घर की जिम्मेदारी से लेकर हर क्षेत्र में देश की प्रगति में योगदान दे रही हैं।

डॉ. पवनकुमार दरक ने माहेश्वरी अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और राष्ट्रीय दंत चिकित्सक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि बच्चों का लालन-पालन से लेकर उसे समाज में खड़े होने लायक बनाने में मां की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। आज हम इस स्थान पर पहुंचने में माता पिता का ही योगदान है। हर एक को महिलाओं के प्रति आदर, गौरव रखते हुए सम्मान करना चाहिए। महिलाओं में करूणा, ममता, वात्सल्य भरा होता है। जीवन में बच्चों की बहुत बड़ी अहमियत है। हम सभी को कन्या शिशु को भी उतनी ही प्राथमिकता देनी चाहिए जितनी पुत्र को देते हैं। बेटा-बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए।

इस मौके पर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक, नर्स, कर्मचारियों ने अस्पताल में अपने बच्चे को चिकित्सा के लिए लेकर आए महिलाओं को गुलाब का फूल देकर महिला दिवस मनाया।

इस अवसर पर माहेश्वरी अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग प्रमुख डॉ. रशमी दरक, डॉ. चंद्रनाथ वंदकुदरी, डॉ. प्रभु मधुभावी, अनिता मधुभावी, डॉ. अर्शद अय्यूब, हीनाकौसर मुदगल, निंगनगौड़ा पाटील, जाकिर मुदगल सहित अस्पताल के कर्मचारी मौजूद थे।

डॉ. रशमी दरक ने दांतों की देखभाल की जानकारी देते हुए सभी का आभार जताया।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *