वाल्मी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास पर दिया जोर
हुब्बल्ली. जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) धारवाड़ में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास तथा समाज में महिलाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन कर कृषि विश्वविद्यालय धारवाड़ के शिक्षा निदेशक डॉ. बी.डी. बिरादर ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस वर्ष की थीम ‘गिव टू गेन’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को ज्ञान, समय, सहयोग, अवसर और समान अधिकार प्रदान किए जाएं तो उसका लाभ पूरे समाज को मिलता है। महिलाओं के सशक्तिकरण से परिवार, समाज और देश का समग्र विकास संभव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वाल्मी संस्थान के निदेशक डॉ. गिरीश एन. मरड्डी ने की। उन्होंने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर कृषि पंडित पुरस्कार विजेता मंगला नीलगुंद (मुलगुंद, जिला गदग) तथा प्रगतिशील महिला किसान सुमा नागराजू (के. बेलत्तूर, जिला मैसूर) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
डॉ. मरड्डी ने कहा कि वाल्मी संस्थान द्वारा विभिन्न सिंचाई क्षेत्रों के प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियों को पुस्तक रूप में प्रकाशित करने की पहल की जा रही है। उन्होंने किसानों से जल और मृदा संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती, पशु आधारित खेती तथा कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन जैसे आधुनिक तरीकों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक इंजीनियर सुधींद्र के. एस., सहायक प्राध्यापक सुनंदा सितोले ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा सलाहकार डॉ. शृति अण्णिगेरी ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भद्रा, तुंगभद्रा और कावेरी सिंचाई क्षेत्रों के जल उपयोगकर्ता सहकारी समितियों के पदाधिकारी, किसान तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

