13 करोड़ स्वीकृत, फिर भी डामरीकरण अधूराकलसा तालुक के कुद्रेमुख से एस.के. बॉर्डर को जाने वाले मार्ग की दुर्दशा।

लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप

कलसा-कुद्रेमुख-एस.के. बॉर्डर मार्ग की दुर्दशा पर आंदोलन की चेतावनी

चिक्कमगलूरु. कलसा-कुद्रेमुख-एस.के. बॉर्डर राज्य राजमार्ग को जिले की सबसे जर्जर सडक़ों में गिना जा रहा है। सडक़ मरम्मत कार्य लंबित रहने के विरोध में शीघ्र ही आंदोलन छेडऩे की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता रवि राई ने दी है।

उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के जनआंदोलन के बाद इस सडक़ के पुन: डामरीकरण के लिए 13 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। कार्य पिछले वर्ष ही शुरू होकर अब तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक डामरीकरण प्रारंभ नहीं हुआ है।

रवि राई ने कहा कि कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में शीघ्र ही प्री-मानसून वर्षा आरंभ हो जाएगी। ऐसे में बाद में किया गया डामरीकरण गुणवत्ता खो देगा। अनुकूल मौसम के बावजूद लोक निर्माण विभाग की निष्क्रियता पर उन्होंने सवाल उठाए।

जर्जर सडक़ के कारण कलसा से मेंगलूरु तक मरीजों को ले जाना कठिन हो गया है। तटीय क्षेत्र से मलेनाडु आने वाले पर्यटकों की संख्या घटी है और निर्माण सामग्री ढुलाई महंगी पड़ रही है। आरोप है कि अधिकारी ठेकेदार के हितों की रक्षा कर रहे हैं। यदि सप्ताह के भीतर कार्य शुरू नहीं हुआ तो व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

नेल्लिबीडु के तेजस ने भी शीघ्र कार्य आरंभ कर जनता की परेशानी दूर करने की मांग की है।

तय समयसीमा में काम पूरा करने के दिए निर्देश

सडक़ निर्माण कार्य 24 मार्च तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार ने गिट्टी और रेत का भंडारण कर लिया है, हालांकि डामर आपूर्ति में वित्तीय समस्या की बात कही जा रही है। विभाग ने तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
चेन्नय्या, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग

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By Bharat Ki Awaz

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