पुल न बनने से यातायात बाधितहिरियूर तालुक के वाणिविलासपुर से कक्कय्यनहट्टी मार्ग से होकर होसदुर्ग की ओर जाने के दौरान संकरी सडक़ पर फंसी दो बसें।

कक्कय्यनहट्टी वैकल्पिक मार्ग बना संकट, बस मालिक और यात्री परेशान

हिरियूर (चित्रदुर्ग). तालुक के वाणिविलास जलाशय ने चौथी बार ओवरफ्लो होकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड तो बनाया, लेकिन चादर चलने वाले (अतिरिक्त जल निकास) क्षेत्र में अब तक पुल का निर्माण न होने से हिरियूर-होसदुर्ग के बीच यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। बस मालिकों से लेकर आम यात्रियों तक को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मुख्य सडक़ क्षतिग्रस्त, वैकल्पिक मार्ग बना मजबूरी

जलाशय के चादर चलने बहने पर मुख्य सडक़ पानी में डूब जाती है। 2022 में दूसरी बार चादर चलने पर सडक़ बह गई थी। तब से बसों को मदनकेरे-लक्किहल्ली-कुंटप्पनहट्टी-तलवारहट्टी-कक्कय्यनहट्टी मार्ग से होकर वाणिविलासपुर पहुंचना पड़ रहा है।

संकरी सडक़ पर जाम की स्थिति

स्थानीय निवासी एस.एस. रंगप्पा ने बताया कि कक्कय्यनहट्टी मार्ग बेहद संकरा है। एक समय में केवल एक बड़ा वाहन ही निकल सकता है। यदि दो बसें आमने-सामने आ जाएं तो दोनों ओर जाम की स्थिति बन जाती है।

ग्रामीणों की आपत्ति और सडक़ को नुकसान

ग्रामीणों ने संकरी सडक़ पर भारी वाहनों की आवाजाही का विरोध किया था। उनका कहना है कि इससे खेतों तक पहुंच बाधित होती है और सडक़ तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है।

ग्रामीणों ने खुद बनाया अस्थायी इंतजाम

जनवरी 2023 में ग्रामीणों और निजी बस मालिक संघ ने 70-80 हजार रुपए खर्च कर आठ बड़े सीमेंट पाइप लगाकर अस्थायी व्यवस्था की थी। जेसीबी और ट्रैक्टर से गड्ढों को भरकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।

यात्रा समय बढ़ा, दूध उत्पादक परेशान

स्थानीय किसानों ने बताया कि 19 अक्टूबर को जलाशय के चौथी बार चादर चलने के बाद फिर से बसों को कक्कय्यनहट्टी मार्ग से ही चलाना पड़ा। इससे यात्रा समय करीब आधा घंटा बढ़ गया। दूध सहकारी समिति तक कैन पहुंचाना बेहद कठिन हो गया है। कई बार गिरने से दूध सडक़ पर बिखर जाता है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जब तक स्थायी पुल नहीं बनता, तब तक कक्कय्यनहट्टी मार्ग की झाडिय़ों को हटाना चाहिए।
जनता का कहना है कि स्थायी पुल निर्माण ही दीर्घकालिक समाधान है, अन्यथा हर बार जलाशय के चादर चलने पर यही संकट दोहराता रहेगा।

वाणिविलासपुर ग्राम पंचायत की अध्यक्ष गंगम्मा उमेश ने कहा कि अगले 5-6 दिनों में झाडिय़ों को हटाने का काम शुरू किया जाएगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *