बसव जयंती समारोह
मंत्री ने समानता और सामाजिक न्याय के संदेश को अपनाने का किया आह्वान
‘बसवश्री’ पुरस्कार से सम्मानित हुए प्रो. हुडगी
कलबुर्गी. शहर में सोमवार को 893वीं बसव जयंती के अवसर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने कहा कि बसवन्ना के सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और समानता आधारित समाज के निर्माण में मार्गदर्शक हैं।
अनुभव मंडप की परंपरा का उल्लेख
मंत्री ने कहा कि बसवेश्वर द्वारा स्थापित अनुभव मंडप में हर व्यक्ति के विचारों पर खुलकर चर्चा होती थी और सामूहिक सहमति के बाद ही निर्णय लिए जाते थे। आज जरूरत है कि हम उनके सिद्धांतों को केवल भाषणों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने जीवन में उतारें।
बसवन्ना की विचारधारा विश्व के लिए समाधान
कर्नाटक राज्य नीति एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष बीआर. पाटिल ने कहा कि बसवन्ना की विचारधारा आज विश्व में भूख, असमानता और अशांति जैसी समस्याओं का समाधान दे सकती है। उन्होंने बसवन्ना को दुनिया का पहला समाजवादी भी बताया।
सामाजिक सुधार और समानता पर जोर
विधायक अल्लमप्रभु पाटिल ने कहा कि बसवन्ना ने महिलाओं की समानता, छुआछूत उन्मूलन और ‘कायक’ (कार्म) के महत्व को समाज में स्थापित किया।
विशेष व्याख्यान और सम्मान समारोह
इस अवसर पर डॉ. टी.आर. चंद्रशेखर ने विशेष व्याख्यान दिया। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. आर.के. हुडगी को ‘बसवश्री’ पुरस्कार और एक लाख रुपए की नगद राशि से सम्मानित किया गया। वहीं पीयूसी में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सृष्टि पाटिल को भी एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई।
समारोह में विधान परिषद सदस्य बीजी. पाटिल, शशिल नमोशी, तिप्पन्नप्पा कमकनूर, जगदेव गुत्तेदार, ऑल इंडिया वीरशैव लिंगायत महासभा के अध्यक्ष शरणू मोदी, जिलाधिकारी बी. फौजिया तरन्नुम, एसपी अड्डूर श्रीनिवासलू सहित कई अधिकारी और समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे।
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