बेंगलूरु स्थानांतरण के फैसले को बताया क्षेत्रीय असंतुलन और सांस्कृतिक पहचान पर आघात
धारवाड़/हुब्बल्ली. आकाशवाणी के धारवाड़ केंद्र के प्रादेशिक समाचार विभाग को बेंगलूरु स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में कर्नाटक नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने केंद्र के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
सांस्कृतिक अस्मिता पर चोट का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धारवाड़ आकाशवाणी केंद्र दशकों से उत्तर कर्नाटक की आवाज रहा है और यहां से प्रसारित समाचार इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं। समाचार विभाग को बेंगलूरु स्थानांतरित करना क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता पर सीधा आघात है।
विकेंद्रीकरण पर जोर
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि सरकार को प्रशासन को जनता के करीब लाने के लिए विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना चाहिए, न कि सभी व्यवस्थाओं को केवल बेंगलूरु में केंद्रीकृत करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि धारवाड़ केंद्र में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं और यह पूरी तरह सक्षम है, ऐसे में स्थानांतरण का निर्णय अव्यावहारिक और अवैज्ञानिक है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
संगठन के जिला उपाध्यक्ष नियाज अहमद निप्पाणी, लक्ष्मण बक्काई, विनायक, सलीम मुल्ला और एसएम. रोण सहित कई कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
इस बीच, हुब्बल्ली में नागेश शानभाग ने भी इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “निंदनीय” बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल स्थायी बल्कि अस्थायी पदों पर भी असर डालेगा।
उन्होंने उत्तर कर्नाटक के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की, अन्यथा भविष्य में पूरे आकाशवाणी धारवाड़ केंद्र को ही बेंगलूरु स्थानांतरित किए जाने का खतरा पैदा हो सकता है।
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