युध्दविराम के बावजूद अमेरिकी नाकाबंदी जारी
वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर गहराया संकट
वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलसंधि को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से प्रतिदिन लगभग 500 मिलियन डॉलर की आय अर्जित करता है। इसी कारण ईरान इस जलसंधि को बंद करने के बजाय खुला रखना चाहता है।
नाकाबंदी जारी रखने का नया तर्क
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलसंधि में अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी है। उनके अनुसार, यदि यह मार्ग खुला रहता है तो ईरान को आर्थिक लाभ मिलता रहेगा, जबकि नाकाबंदी से उस पर दबाव बढ़ेगा और उसे वार्ता के लिए मजबूर किया जा सकता है।
होर्मुज जलसंधि: वैश्विक अर्थव्यवस्था की धुरी
होर्मुज जलसंधि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या अवरोध अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर डालता है।
व्यापारिक गतिविधियों में भारी गिरावट
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, संघर्ष से पहले जहां प्रतिदिन करीब 140 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर बेहद कम हो गई है। पिछले 24 घंटों में केवल कुछ ही जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि सैकड़ों जहाज और हजारों नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
तनाव बढऩे से स्थिति गंभीर
अमेरिकी नौसेना और ईरानी बलों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। आईआरजीसी पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष भी सख्त रुख अपनाए हुए है। इससे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति की आशंका बढ़ गई है।
होर्मुज जलसंधि को लेकर जारी यह टकराव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है। कदनविराम के बावजूद नाकाबंदी जारी रहने से हालात और जटिल होते जा रहे हैं, और वैश्विक समुदाय की नजरें अब संभावित समाधान पर टिकी हैं।
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