डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाया; ईरान ने बंदरगाहों पर प्रतिबंध हटाने की रखी शर्त
तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर नई स्थिति सामने आई है। एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने की घोषणा की है, वहीं ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके बंदरगाहों और जहाजों पर लगे प्रतिबंध हटाए बिना पूर्ण युद्धविराम संभव नहीं होगा।
ईरान की ओर से यह कड़ा संदेश संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि समुद्री नाकाबंदी जारी रखते हुए शांति की बात करना विरोधाभासी है। उनका कहना था कि यदि अमेरिका वैश्विक अर्थव्यवस्था को दबाव में रखकर सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो युद्धविराम का कोई वास्तविक अर्थ नहीं रह जाता।
गालिबाफ ने चेतावनी दी कि जब तक ईरान के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध और दबाव की नीति समाप्त नहीं होती, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना भी संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सैन्य दबाव या धमकियों के जरिए ईरान को झुकाया नहीं जा सकता और उसके राष्ट्रीय अधिकारों का सम्मान ही समाधान का एकमात्र रास्ता है।
इसी बीच, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता कराने के प्रयासों में जुटा हुआ है। हालांकि, ईरान ने अब तक इन वार्ताओं में भाग लेने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
अमेरिका की ओर से युद्धविराम बढ़ाने का फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के अनुरोध के बाद लिया गया बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे, तो क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर भी असर पड़ने की आशंका है।
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