किसानों के हित में दूध के दाम बढ़े, गन्ने की एफआरपी पर केंद्र से जवाब तलबएस.एस. मल्लिकार्जुन।

दावणगेरे जिला अस्पताल के कायाकल्प पर 195 करोड़ खर्च होंगे

18 करोड़ से एमआरआई सुविधा, चीनी मिलों की आर्थिक मुश्किलों पर भी उठाई आवाज

दावणगेरे। किसानों को दूध की बढ़ी कीमतों से राहत देने के साथ गन्ने की उचित एवं लाभकारी कीमत (एफआरपी) और एथेनॉल नीति को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र से स्पष्ट और स्थायी नीति बनाने की मांग की है। वहीं, आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दावणगेरे जिला अस्पताल में 195 करोड़ रुपए की लागत से नया भवन और 18 करोड़ रुपए से एमआरआई जांच सुविधा शुरू करने की तैयारी है। जिला प्रभारी मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में इन मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।

मल्लिकार्जुन ने कहा कि दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। देश के कई राज्यों में भी दूध की कीमतें बढ़ी हैं। गन्ना किसानों की एफआरपी सहित अन्य मांगों पर ज्ञापन मिलने के बाद सरकार विचार करेगी। चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य और गन्ने की एफआरपी केंद्र सरकार को स्पष्ट रूप से तय करनी चाहिए, ताकि किसानों को उचित दाम मिलने के साथ चीनी मिलों का संचालन भी आर्थिक रूप से टिकाऊ बना रहे।

उन्होंने कहा कि केंद्र की एथेनॉल नीति में अचानक बदलाव से चीनी मिलों की मुश्किलें बढ़ी हैं। पहले गन्ने के रस और सिरप से सीधे एथेनॉल उत्पादन की अनुमति थी। इस आधार पर कई मिलों ने उत्पादन क्षमता पांच से दस गुना तक बढ़ाने के लिए भारी निवेश किया। अब गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल उत्पादन पर रोक और केवल शीरे से उत्पादन की अनुमति के कारण मिलों पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ा है। केंद्र और राज्य सरकारों को मिल प्रतिनिधियों से चर्चा कर किसान और उद्योग, दोनों के हित में स्थायी नीति बनानी चाहिए। मिलों को आर्थिक सहायता और कर छूट देने पर मुख्यमंत्री राज्य की वित्तीय स्थिति के अनुसार निर्णय लेंगे। किसानों को प्रति हजार रुपए की सहायता देने पर भी विचार किया जाएगा।

इधर, जिला अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए 195 करोड़ रुपए की बजट मंजूरी मिल चुकी है और निरीक्षण प्रक्रिया पूरी हो गई है। पुराने भवनों को हटाकर जल्द निर्माण शुरू किया जाएगा। नए भवन में आपातकालीन उपचार विभाग, गहन चिकित्सा इकाई सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 18 करोड़ रुपए की लागत से अनुबंध के आधार पर एमआरआई जांच सुविधा शुरू की जाएगी। गरीब और बीपीएल परिवारों के मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मुफ्त या रियायती दर पर जांच का लाभ मिलेगा। अस्पताल परिसर में आधुनिक शवगृह, कैंटीन और पुलिस चौकी भी बनाई जाएगी।

मंत्री ने कम खर्च में गरीबों और ऑटो रिक्शा चालकों का उपचार करने वाले ‘डब्बी डॉक्टर’ को राज्योत्सव पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता जताई। अपर भद्रा का पानी फिलहाल नहीं छोडऩे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में बैठक के बाद अगला निर्णय लिया जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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