भाजपा नेता बी.एल. संतोष पर अपमानजनक बयान देने का आरोप
मेंगलूरु. भाजपा महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष पर अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में पुलिस ने गुरुवार को विवादित नेता महेश शेट्टी तिमरोड़ी को हिरासत में लिया। नोटिस देने के बावजूद वे पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे।
ब्रहमावर थाने में दर्ज मामले के आधार पर पुलिस ने उडुपी जिले के उजिरे स्थित उनके घर से भारी सुरक्षा के बीच उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के दौरान तिमरोड़ी समर्थकों और पुलिस के बीच जोरदार नोकझोंक और आधे घंटे तक हाई-ड्रामा चला।
तिमरोड़ी का आरोप : “झूठे केस में फंसाया गया”
हिरासत में लेने के बाद तिमरोड़ी ने कहा कि उन्हें “झूठे मामले” में फंसाया गया है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर झूठे दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के पाप का पर्दाफाश होना चाहिए, सौजन्य को न्याय मिलना चाहिए। वे निजी वाहन से पुलिस के साथ थाने पहुंचे, जहां उनके सहयोगी गिरीश मट्टण्णवर भी मौजूद थे।
गिरफ्तारी में हंगामा
पुलिस जब घर पहुंची तो समर्थकों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जमा हो गए। तिमरोड़ी ने पहले पुलिस वाहन में बैठने से इनकार कर दिया और अरेस्ट वारंट दिखाने की मांग की। बाद में वे अपने निजी वाहन से थाने जाने पर राजी हुए। इस दौरान उनके घर की तलाशी को लेकर भी वाद-विवाद हुआ।
कई आपराधिक मामले दर्ज
महेश शेट्टी तिमरोड़ी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले, नफरत फैलाने वाले भाषण और धमकी देने के आरोप दर्ज हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि इन मामलों की भी आगे पूछताछ होगी।
बी.एल. संतोष का फेसबुक पोस्ट बना कारण
बता दें कि हाल ही में बी.एल. संतोष ने फेसबुक पर धर्मस्थल की बदनामी रोकने और श्रद्धा का केंद्र बचाने की अपील की थी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने जुलूस भी निकाले। इसके प्रत्युत्तर में तिमरोड़ी ने अपने यूट्यूब चैनल पर संतोष पर व्यक्तिगत और राजनीतिक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का मामला दर्ज हुआ।
पहला केस उडुपी के ब्रहमावर थाने में आईपीसी धारा 352 के तहत दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर हिरासत में लिया गया है।
विधायक का बयान
इस घटनाक्रम पर विधायक भरत शेट्टी ने कहा कि किसी का अपमान करने पर हिरासत में लेना सामान्य है। पुलिस व्यवस्था में जवाब देने का अवसर है। अन्य मामलों की भी जांच होनी चाहिए, चाहे वह शव दफनाने का मामला हो या यूट्यूब पर मानहानि का। सच्चाई सामने आनी चाहिए और यह कार्रवाई कांग्रेस सरकार ने आलाकमान के आदेश पर की है।

