ग्रामीण जनता में बढ़ा डर
कारवार. कारवार जिले में सांप काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों में चिंता और भय का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अप्रेल से अगस्त तक 192 सांप काटने के मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक मौत हुई। 2024 में जिले में कुल 629 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 6 लोगों की मौत हुई थी।
पिछले तीन वर्षों (2021-23) में जिले में कुल 1,012 सांप काटने के मामले हुए थे, परन्तु इस अवधि में होने वाली मौतों का सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सकेगा
सरकार ने 2024 में सांप काटने की घटनाओं को घोषित रोग घोषित किया था। इसके बाद से, अब न केवल सरकारी बल्कि निजी अस्पतालों में आने वाले मामलों का डेटा भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से एकत्रित किया जा रहा है। इससे जिले में वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सकेगा।
अधिकतम मामलों की सूचना कारवार, भटकल, कुमटा और सिरसी तालुकों से मिल रही है। मौतें मुख्यत: गोकर्ण और मुंडगोड क्षेत्रों में हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दी चेतावनी
ग्रामीण इलाकों में खेती, जंगल और खेत-खलिहान में काम करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। बारिश के मौसम में सांप अधिकतर घरों और आस-पास के क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं, जिससे मामलों की संख्या में वृद्धि होती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि सांप काटने के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचना अत्यावश्यक है।
बारिश के दौरान घटनाएं बढ़ती हैं
सरकार ने सांप काटने के मामलों को गंभीरता से लिया है। सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त प्रतिविष उपलब्ध है, ताकि कोई भी मरीज इलाज के अभाव में पीडि़त न हो। ग्रामीण किसान, जंगल और खेत-खलिहान में काम करने वाले लोग अधिक प्रभावित होते हैं। बारिश के दौरान घटनाएं बढ़ती हैं।
हर मामले को दर्ज किया जा रहा है
सांप काटने के मामलों के लिए आवश्यक प्रतिविष (विष-रोधी) सभी तालुक अस्पतालों में उपलब्ध कराया गया है। सरकार की दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मामले को रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे आगामी दिनों में पूरे जिले के सांप काटने की घटनाओं का समग्र आंकड़ा सामने आ सकेगा। हर मामले को दर्ज किया जा रहा है।
–डॉ. नीरज बी.वी., जिला स्वास्थ्य अधिकारी
सांप काटने के मामले
2025 के अप्रेल से अगस्त में 192 सांप काटने के मामले, एक मौत।
-2024 में जिले में 629 मामले, 6 मौतें।
-2021 से 23 के तीन वर्षों में कुल 1,012 मामले, मौतों का डेटा उपलब्ध नहीं।
-2024 में सांप काटना घोषित रोग घोषित, निजी और सरकारी अस्पतालों का डेटा संग्रह।
अधिक मामले
कारवार, भटकल, कुमटा, सिरसी
मौतें
गोकर्ण, मुंडगोड।

