उत्तर कन्नड़ जिले में पर्यटन को नई उड़ान देने की तैयारी
दांडेेली (उत्तर कन्नड़). केंद्र सरकार ने उड़ान 5.5 योजना के अंतर्गत देशभर में सात जल विमान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इनमें से दो स्थान उत्तर कन्नड़ जिले की काली नदी से जुड़े हुए हैं। पहला कारवार काली नदी संगम क्षेत्र और दूसरा दांडेेली के समीप काली जल विद्युत परियोजना से संबंधित सुपा जलाशय क्षेत्र है।
सरकार ने इन दोनों स्थानों पर जल विमान अड्डा स्थापित करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से जिले का पर्यटन क्षेत्र नई गति प्राप्त करेगा। खासकर दांडेेली का पर्यटन क्षेत्र, जो पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक खेलों के लिए प्रसिद्ध है, अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा।
गणेशगुड़ी स्थित सुपा जलाशय के बैकवॉटर का इस कार्य में उपयोग किया जाएगा।
जलविमान क्या है?
जल विमान वह विमान है जो जल पर उतरता और उड़ान भरता है। इसे नदियों या जलाशयों में बनाए गए जेट्टी (रनवे) पर उतारा जाता है। आवश्यकता पडऩे पर यह विमान नजदीकी हवाई अड्डों पर भी उतर सकता है।
विमान उतारने के लिए 1.5 किलोमीटर लंबाई और 10 फीट गहराई की आवश्यकता होती है। पर्यावरण पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। यह प्रणाली विदेशों में पहले ही सफल हो चुकी है।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना लागू होने पर उत्तर कन्नड़ और दांडेेली का पर्यटन क्षेत्र न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश में एक विशेष पहचान बनाएगा। साहसिक पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और अब जलविमान सुविधा, यह तीनों मिलकर पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनेंगे।
