प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कर्नाटक गृहनिर्माण बोर्ड पर 900 लाभार्थियों को ठगने का आरोप
दांडेली (कारवार). गरीबों से घर दिलाने के नाम पर पैसे लेकर घर न देने का गंभीर आरोप कर्नाटक राज्य गृहनिर्माण बोर्ड, स्थानीय नगर परिषद अधिकारियों और ठेकेदारों पर लगाया गया है।
दांडेली में जीवन यापन के लिए कचरा बीनने और छोटी-मोटी मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (2016) के अंतर्गत घर पाने के लिए 50,000 से 70,000 रुपए तक बोर्ड को जमा किए थे। दस साल बीत जाने के बावजूद उन्हें घर नहीं मिला।
पूर्व नगर नियोजन प्राधिकरण अध्यक्ष शिवानंद गग्गरी ने इस घोटाले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाते हुए कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर गरीबों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
गग्गरी ने बताया कि अंबेवाड़ी क्षेत्र में 54.13 करोड़ रुपए की लागत से 1106 आवासों का निर्माण होना था, जिसका अनुबंध बेंगलूरु की एक ठेकेदार कंपनी को दिया गया था। अनुबंध के अनुसार, 12 महीनों में कार्य पूरा कर लाभार्थियों को घर सौंपे जाने थे, परन्तु अब तक केवल 110 घर ही बांटे गए हैं, वह भी घटिया गुणवत्ता के साथ।
बाकी 900 लाभार्थियों को अब तक घर नहीं मिला और उन्होंने सभी बचत व कर्ज लेकर जो धन जमा किया था, वह डूब गया। परियोजना की लागत अब बढ़ चुकी है, जिससे पुराने बजट में निर्माण पूरा करना संभव नहीं है।
शिवानंद गग्गरी ने मांग की है कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करे और बचे हुए 900 गरीब परिवारों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराए।

