हुब्बल्ली. राज्य सरकार की ओर से गरीबों की भूख मिटाने के लिए चलाई जा रही ‘अन्नभाग्य’ योजना में वितरित चावल की काला बाजारी (सट्टा) की घटनाएं जिले में लगातार बढ़ रही हैं।
पहले चावल की कमी के कारण बीपीएल कार्डधारकों को 5 किलो चावल और बाकी 5 किलो का पैसा फरवरी 2025 तक बैंक खाते में डेबिट के माध्यम से दिया जाता था। फरवरी से सरकार ने नकदी की बजाय पूरे 5 किलो चावल ही वितरित करना शुरू कर दिया। मार्च से यह वितरण जारी है परन्तु सरकारी चावल के वितरण में वृद्धि के साथ ही काले बाजार में चावल बेचने और फिर पैसा प्राप्त करने की घटनाओं ने जोर पकड़ लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार की ओर से वितरित चावल की बिक्री, खरीद और परिवहन के कुल 13 मामले अप्रेल 2024 से जुलाई 2025 के बीच दर्ज किए गए हैं।
इस दौरान कुल 46.09 लाख रुपए मूल्य के चावल जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने 1017 क्विंटल चावल, 10 वाहन और 1143 घरेलू सिलेंडर भी जब्त किए हैं। इन वाहनों का कुल मूल्य 71.08 लाख है। इस संबंध में 20 आरोपियों को जिले की विभिन्न पुलिस थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत गिरफ्तार किया गया।
पिछले साल की तुलना में वृद्धि
2023-24 में जिले में चावल की काले बाजारी से जुड़े 5 मामले दर्ज हुए, 7 आरोपी गिरफ्तार, 77.97 क्विंटल चावल और 248 घरेलू सिलेंडर जब्त।
2024-25 में 13 आरोपी गिरफ्तार, 939.47 क्विंटल चावल और 895 घरेलू सिलेंडर जब्त।
लालच के लिए काले बाजारी का खेल
अधिकारियों के अनुसार, कुछ दलाल गरीबों से चावल खरीदकर घर-घर जाकर कम कीमत पर जमा करते हैं और इसे राज्य की सीमाओं के बाहर बेचते हैं। वहीं, गरीब खुद भी अपना वितरित चावल लेकर साप्ताहिक बाजार में इन व्यापारियों को बेच देते हैं और इससे मिलने वाले पैसों से घर की सब्जियां और आवश्यक वस्तुएं खरीदते हैं।
