मुख्यमंत्री ने किया कलबुर्गी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का लोकार्पण

कलबुर्गी. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने बुधवार को कलबुर्गी में 216.53 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। इसके अलावा 6.20 करोड़ रुपए की लागत से किदवई कैंसर अस्पताल में ब्रेकीथेरेपी विकिरण उपचार इकाई का भी उद्घाटन किया। उन्होंने इसके अतिरिक्त 421.31 करोड़ रुपए की लागत के 8 विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से पीडि़त लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार ने घोषणा की है कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और कैंसर अस्पताल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में कलबुर्गी को मेडिकल हब बनाने की दिशा में डॉ. शरणप्रकाश पाटिल का काम सराहनीय है। इस वर्ष प्रस्तुत बजट में बागलकोट, मेंगलूरु और कोलार में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई है और इन्हें क्रियान्वित किया जाएगा।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता डॉ. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कल्याण कर्नाटक के रायचूर में एम्स की स्थापना को मंजूरी देने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है। यदि इस क्षेत्र में एम्स की स्थापना होती है तो इससे न केवल कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा, बल्कि पड़ोसी महाराष्ट्र के सोलापुर क्षेत्र के लोगों को भी लाभ होगा।

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि कल्याण कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में उत्कृष्ट अस्पतालों का निर्माण करके स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं। कल्याण कर्नाटक के जिलों के लोगों का कर्ज चुकाने के लिए काम किया जा रहा है।

इससे पहले, चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरणप्रकाश पाटिल ने प्रस्तावना में बोलते हुए कहा कि यहां 8 कार्यों की आधारशिला रखी गई है और ये सभी एक-दो वर्षों में पूरे होकर जनता की सेवा में समर्पित किए जाएंगे।

विधायक अल्लम प्रभु पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में मंत्री प्रियांक खरगे, रामलिंगा रेड्डी, डॉ. एम.सी. सुधाकर, कलबुर्गी जिले के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य लोग उपस्थित थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *