मंत्री संतोष एस. लाड ने दिया निर्देश
सरकार प्रभावित किसानों को नियमों के अनुसार देगी मुआवजा
लगभग 97 हजार हेक्टेयर में फसल नुकसान का अनुमान
हुब्बल्ली. धारवाड़ जिला प्रभारी मंत्री एवं श्रम मंत्री संतोष एस. लाड ने कहा कि अगस्त महीने की भारी बारिश से प्रभावित किसानों को नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल हानि का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा करना चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
जिलाधिकारी कार्यालय के नवनिर्मित सभागार में शनिवार शाम को कृषि, राजस्व और बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ हुए बैठक में लाड ने कहा कि संकटग्रस्त किसानों को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। समय पर सर्वेक्षण पूरा कर सरकार को रिपोर्ट भेजने से प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत मिल सकेगी।
कृषि और बागवानी विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, धान 79,697 हेक्टेयर, उड़द 6,550 हेक्टेयर, सोयाबीन 7,250 हेक्टेयर और ज्वार 50 हेक्टेयर समेत कुल 93,547 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें नष्ट हुई हैं। बागवानी फसलों में 915 हेक्टेयर सूखी मिर्च, 2,920 हेक्टेयर प्याज और 230 हेक्टेयर लहसुन समेत 4,065 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। कुल मिलाकर लगभग 97,612 हेक्टेयर फसलों की हानि दर्ज की गई है।
मकानों की क्षति के संबंध में प्राप्त 223 मामलों में से 81 को खारिज किया गया, जबकि 128 घरों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 25 मकानों को 76 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है, 41 मकानों को 51 फीसदी, 75 प्रतिशत तक, 51 मकानों को 21 से 50 प्रतिशत तक और 11 मकानों को 15 से 20 प्रतिशत तक क्षति हुई है। 14 मकानों की जांच अभी जारी है।
जिलाधिकारी दिव्य प्रभु ने कहा कि सर्वेक्षण का कार्य अंतिम चरण में है और सोमवार शाम तक पूरी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। किसानों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। प्रभावित किसानों को नियमों के अनुसार शीघ्र मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।
बैठक में विधायक एन.एच. कोनरेड्डी, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीएल पाटिल, पुलिस अधीक्षक गुंजन आर्य, नगर निगम आयुक्त डॉ. रुद्रेश घाळी, पुलिस उपायुक्त महानिंग नंदगावी सहित जिला स्तरीय अधिकारी, कृषि और बागवानी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
