‘अक्का पडे’ से महिलाओं-बच्चों को सुरक्षा का भरोसा
गश्त के जरिए हिंसा-शोषण पर रोक
हुब्बल्ली. धारवाड़ में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से गठित ‘अक्का पडे’ (बहन दस्ता) की शुरुआत की गई। धारवाड़ के सृजना रंगमंदिर के सामने अक्का पडे वाहन को हरी झंडी दिखाते हुए जिला प्रभारी मंत्री संतोष लाड ने कहा कि यह टीम नियमित गश्त के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा का भरोसा दिलाएगी।
महिला गृह रक्षकों की भागीदारी
मंत्री लाड ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य महिला गृह रक्षकों को शामिल कर अक्का पडे का गठन किया गया है। प्रताडऩा, हिंसा, उपेक्षा या शोषण का सामना कर रही महिलाओं और बच्चों को समय पर सहायता और संरक्षण देना इसका मुख्य उद्देश्य है। अत्याचारों को रोकना, कानून का संरक्षण देना और समाज में भयमुक्त वातावरण बनाना अक्का पडे का लक्ष्य है।
दो पालियों में कामकाज
अक्का पडे की टीम प्रतिदिन दो पालियों में कार्य करेगी। सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक।
इस पहल से शहर और जिले में महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

