किसानों की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा
डिप्लोमा कॉलेज को उन्नत कर स्नातक स्तर पर शिक्षा देने की उम्मीद
बजट में विशेष अनुदान की मांग
उडुपी. तटीय कर्नाटक के ब्राह्मावार क्षेत्र में कृषि शिक्षा की कमी को लेकर किसानों और कृषि संगठनों की आवाज बुलंद हो गई है। वर्षों से चली आ रही मांग है कि यहां कृषि स्नातक महाविद्यालय स्थापित किया जाए। हर बजट के समय उम्मीदें जागती हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
किसानों और विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ब्राह्मावार में कृषि स्नातक कॉलेज खुलता है तो स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे युवा खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों की ओर आकर्षित होंगे। ब्राह्मावार कृषि विज्ञान केंद्र में पर्याप्त भूमि, आधुनिक भवन, प्रयोगशालाएं और छात्रावास पहले से मौजूद हैं, जो नए कॉलेज की स्थापना के लिए अनुकूल आधार प्रदान करते हैं।
उडुपी जिला कृषक संघ के सचिव रविंद्र गुज्जरबेट्टू ने कहा कि इस क्षेत्र में धान, नारियल और सुपारी जैसी फसलों पर व्यावहारिक अनुसंधान और प्रशिक्षण की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने बजट में तटीय कृषि और दुग्ध पालन के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान करने, युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने और परियोजनाओं में स्थानीय किसानों को विश्वास में लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, ब्राह्मावार में कृषि स्नातक कॉलेज की स्थापना अब केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह तटीय कृषि और युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। अब सभी की निगाहें आगामी बजट पर टिकी हैं कि सरकार इस मांग को गंभीरता से लेगी या नहीं।

