किसानों को अनुशासित उर्वरकों का वितरण करेंरायचूर में त्रैमासिक केडीपी बैठक को संबोधित करते हुए रायचूर ग्रामीण विधायक एवं कर्नाटक अनुसूचित जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष बसनगौड़ा दद्दल।

विधायक दद्दल ने अधिकारियों को दिए निर्देश

रायचूर. रायचूर ग्रामीण विधायक एवं कर्नाटक अनुसूचित जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष बसनगौड़ा दद्दल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि छोटे किसानों सहित सभी किसानों को उर्वरकों का उचित एवं अनुशासित वितरण सुनिश्चित किया जाए।

त्रैमासिक केडीपी बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधायक दद्दल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बागवानी फसलों का विस्तार किया जाए और उत्पादकों को ड्रिप सिंचाई सहित प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही, किसानों की मांग के अनुसार बागवानी पौधों का वितरण होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि तुंगभद्रा नदी तटवर्ती गांवों में यदि पेयजल की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने तालाबों को भरने, समय पर मरम्मत कार्य शुरू करने और पेयजल की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने पर जोर दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को लेकर दद्दल ने जेस्काम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मीटर न होने या बिल बकाया होने के कारण किसी भी घर, स्कूल, आंगनवाड़ी या स्ट्रीट लाइट की बिजली आपूर्ति न रोकी जाए।

शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए विधायक ने कहा कि बीईओ नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करें और बच्चों को समय पर यूनिफॉर्म, जूते तथा गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराना चाहिए।

उन्होंने सभी पीडीओ को ग्राम पंचायतों में फॉगिंग अनिवार्य करने और अधिकारियों को अवैध रेत परिवहन रोकने के भी निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न निर्वाचित प्रतिनिधि, अधिकारी एवं मनोनीत सदस्य उपस्थित थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *