समाज को दिया गया दान व्यर्थ नहीं जाएगाहुब्बल्ली के उद्यमी के डॉ. वीएसवी प्रसाद की ओर से दिए गए कोप्पल में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला प्राप्त करने वाली गौसिया टाउन की एक गरीब प्रतिभाशाली छात्रा हपसा बानु होसूर को एक लैपटॉप और अखबार बांटने वाले हॉकर शहर के चन्नपेट निवासी प्रवीण नटेगल को इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रदान करते केंद्रीय मंत्री प्रल्दाद जोशी।

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा
हुब्बल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रल्दाद जोशी ने कहा कि कन्नड़ के महान कवि सर्वज्ञ ने कहा है कि जो दिया जाता है वह अपने लिए होता है, जो छिपाया जाता है वह दूसरों के लिए होता है, जो दिया जाता है वह बुरा नहीं होना चाहिए, यह आगामी दिनों में उपहार होगा। समाज के लिए दिया दान व्यर्थ नहीं जाएगा। इसका पुण्य सदैव बंधा रहेगा। इन शब्दों के अनुसार खुले विचारों वाले दानदाता हैं उद्यमी डॉ. चिगरुपति वी.एस.वी. प्रसाद।
जोशी शहर के डॉ. प्रसाद की ओर से दिए गए कोप्पल में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला प्राप्त करने वाली गौसिया टाउन की एक गरीब प्रतिभाशाली छात्रा हपसा बानु होसूर को एक लैपटॉप और हर सुबह अखबार बांटने वाले हॉकर शहर के चन्नपेट निवासी प्रवीण नटेगल को एक इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रदान कर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि डॉ. प्रसाद कहते हैं कि समाज के धन से पला हुआ मनुष्य समाज के ऋण में रहता है। इसके चलते कर्ज से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका दूसरों को जितना हो सके दान करना है। इसी तरह, वे अत्यधिक गरीबी में पली-बढ़ीं एमबीबीएस के लिए मौका प्राप्त करने वाली एक छात्र को लैपटॉप और बारिश, ठंड और धूप की परवाह किए बिना साइकिल पर अखबार बांटने वाले हॉकर को इलेक्ट्रिक स्कूटर देने के साथ दूसरों के लिए मिसाल बने हुए हैं।
इस अवसर पर डॉ. प्रसाद कहा कि उन्होंने उनसे जो बन पड़े वह मदद की है। जीवन की उपलब्धि यदि परोपकार में है तो जीवन की सार्थकता सार्थक होगी।
इस मौके पर छात्र हपसाबानु के परिजन और नटेगल के परिजन मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि वे प्रसाद की मदद के लिए आभारी हैं।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *