हुब्बल्ली-अंकोल रेल मार्ग परियोजना के लिए डीपीआर तैयारकेंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दी जानकारी

रेलवे विकास और खेल सुविधाओं के निर्माण में तेजी की उम्मीद

हुब्बल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि हुब्बल्ली-अंकोल रेल मार्ग परियोजना के लिए वन्यजीव बोर्ड, वन विभाग और संबंधित अधिकारियों की सलाह शामिल करते हुए संपूर्ण डीपीआर तैयार किया गया है। यह परियोजना 17,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली है और जल्द ही केंद्रीय स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए जोशी ने कहा कि बेलगावी-धारवाड़ रेल मार्ग परियोजना में 42 एकड़ भूमि अधिग्रहण का मुद्दा राज्य सरकार की ओर से हल किया जाना चाहिए। इससे सिर्फ हुब्बल्ली-धारवाड़ नहीं, बल्कि आसपास के जिलों का भी विकास संभव होगा। परियोजना के पूरा होने से बंदरगाह कनेक्टिविटी बेहतर होगी और बेलगावी से माल का सीधा परिवहन आसान होगा।

उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र में सुधार के लिए रेलवे मैदान में 9 करोड़ रुपए की लागत से हाकी टर्फ निर्माण प्रस्ताव तैयार है। हुब्बल्ली और धारवाड़ में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण और रेलवे स्पोर्ट्स क्लब में नई खेल सुविधाओं के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना संभव होगा। रेलवे विभाग की ओर से भुगतान किए जाने वाले करों की समीक्षा की जाएगी, क्योंकि केंद्र सरकार और रेलवे की प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी नहीं हैं।

जोशी ने कहा कि हुब्बल्ली एसएसएस रेलवे स्टेशन का 400 करोड़ रुपए में अपग्रेडेशन ुकया जाएगा। अल्नावर रेलवे स्टेशन का अमृत परियोजना के तहत शीघ्र उद्घाटन किया जाएगा। तुमकुर-चित्रदुर्ग रेल मार्ग का निर्माण 2028 तक पूरा होगा, जिससे धारवाड़-बेंगलूरु यात्रा में 1 घंटे की बचत होगी। गदग-धारवाड़ पैसेंजर रेल सेवा जल्द शुरू होगी। हुब्बल्ली आरटीओ के पास रोड अंडर ब्रिज और अंडर पास, और गदग में अंडर ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।

इस अवसर पर विधायक महेश टेंगिनकाई, विधान परिषद सदस्य प्रदीप शेट्टर, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम की महापौर ज्योति पाटील और रेलवे अधिकारी उपस्थित थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *