हावेरी में पेयजल संकट गहरायाशिग्गावी तालुक के चंदापुर गांव में बंद पड़ा शुद्ध पेयजल संयंत्र।

240 गांव प्रभावित होने की आशंका

शुद्ध जल इकाइयां बंद, दूषित पानी से बढ़ रहीं बीमारिया

ग्रामीणों को कई किलोमीटर भटकना पड़ रहा

हावेरी. जिले में इस गर्मी पेयजल संकट गंभीर रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने स्वयं 240 गांवों में पानी की समस्या उत्पन्न होने की आशंका जताई है। वहीं 73 जल स्रोतों में दूषित तत्व (अधिक कठोरता) पाए जाने से स्थिति और चिंताजनक हो गई है।

शुद्ध जल इकाइयां बंद, लाखों की मशीनें बेकार

ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए जिले में 686 शुद्ध पेयजल इकाइयां स्थापित की गई थीं, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में इकाइयां खराब पड़ी हैं। अधिकारियों के अनुसार 576 इकाइयां ही चालू हैं, जबकि 110 बंद हैं, हालांकि जमीनी हकीकत इससे अधिक खराब बताई जा रही है।

कई स्थानों पर लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए उपकरण जंग खाकर बेकार हो गए हैं। मरम्मत न होने के कारण इकाइयों पर ताले लटक रहे हैं।

दूषित पानी से बढ़ रहीं बीमारियां

ग्रामीण क्षेत्रों में लोग मजबूरी में दूषित पानी पी रहे हैं, जिससे उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियां फैल रही हैं। डॉक्टरों ने अधिक मात्रा में स्वच्छ पानी पीने की सलाह दी है, लेकिन उपलब्धता न होने से लोग असहाय हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।

कई गांवों में वर्षों से बंद पड़ी इकाइयां

शिग्गावी तालुक के चंदापुर और चंदापुर तांडा सहित कई गांवों में जल शुद्धिकरण इकाइयां वर्षों से बंद हैं। कुछ जगहों पर उपकरण गायब हो चुके हैं तो कहीं धूल खाकर जर्जर हो गए हैं।

रट्टीहल्ली तालुक के कई गांवों में भी इकाइयां खराब हालत में हैं और मरम्मत का कोई प्रयास नहीं हुआ।

पानी के लिए किलोमीटरों की दूरी तय करने को मजबूर ग्रामीण

स्थानीय इकाइयां बंद होने के कारण लोग पड़ोसी गांवों से पानी लाने को मजबूर हैं। कई परिवार रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी के कैन ढो रहे हैं। कुछ लोग वाहन से पानी लाते हैं, लेकिन अधिकांश के लिए यह संभव नहीं है।

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं की जा रही। ठेकेदारों का कहना है कि रखरखाव के लिए मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं है।

साथ ही यह भी आरोप है कि अधिकारी वास्तविक स्थिति का आकलन किए बिना कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

घोटाले के आरोप

कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पेयजल योजनाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी शिकायत राज्य सरकार और जांच एजेंसियों से की जाएगी।

शुद्ध पेयजल इकाइयों का आंकड़ा

तालुक — कुल इकाइयां — संचालित इकाइयां
ब्याडगी — 80 — 74
हानगल — 119 — 103
हावेरी — 94 — 78
हिरेकेरूर — 114 — 102
राणेबेन्नूर — 146 — 125
सवणूर — 61 — 57
शिग्गावी — 72 — 48

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *