राज्य के हर ग्राम पंचायत में खुलेगा केपीएसहुब्बल्ली तालुक के छब्बी गांव में सरकारी हाईस्कूल का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुए स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, सांसद बसवराज बोम्मई।

शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने की घोषणा

हुब्बल्ली. स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एलकेजी से 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान करने वाले कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) हर ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थापित किए जाएं। छब्बी में भी केपीएस खोलने पर विचार किया जाएगा।

तालुक के छब्बी गांव में आयोजित एक सरकारी हाईस्कूल के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कल्याण कर्नाटक सहित राज्यभर में 600 से अधिक केपीएस खोले जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय को 5 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। 3,000 स्कूल कक्षाओं की मरम्मत, 4,000 स्कूलों में द्विभाषी शिक्षा, 5,000 स्कूलों में एलकेजी व यूकेजी शिक्षा शुरू की जाएगी। शुल्क समाप्त करने और एसएसएलसी परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने से 1.06 लाख विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि शिक्षा से ही गांवों का विकास संभव है। धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र में सीएसआर (कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) निधि के माध्यम से कई उपयोगी कार्य किए गए हैं। निजी स्कूल जैसी सुविधाएं सरकारी स्कूलों में भी मिलनी चाहिए, यह हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं की संख्या अधिक है, इसलिए विकास की संभावना भी प्रबल है। देशभर में 7,500 नए मेडिकल सीटें सृजित की जा रही हैं। बच्चों को ऐसे कौशल व तकनीक सिखाने होंगे जिनकी वैश्विक स्तर पर अधिक मांग है।

इस अवसर पर विधान परिषद सभापति बसवराज होरट्टी, विधायक एम.आर. पाटील, पत्रकार अजीत हनुमक्कनवर, विनायक कुलकर्णी, सेवानिवृत्त डीवाईएसपी उमेश, तहसीलदार जे.बी. मज्जगी, डीडीपीआई एसएस केळदिमठ, हुब्बल्ली ग्रामीण शिक्षा क्षेत्र अधिकारी उमेश बोम्मक्कनवर तथा छब्बी ग्राम पंचायत अध्यक्ष रवी हुल्लम्बी, पीडीओ चंद्रशेखर पुजारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

देश की साक्षरता दर 74 प्रतिशत

जिला प्रभारी मंत्री संतोष लाड ने कहा कि देश की साक्षरता दर केवल 74 प्रतिशत है। हजारों सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं और अनेक स्नातक बेरोजगार हैं। इस पर गंभीर आत्ममंथन होना चाहिए। पारदर्शिता की कमी, भ्रष्टाचार और जनता को गुमराह करना लगातार जारी है। यह देश किसी राजनीति का बंधक नहीं है। हर योजना में जनता का कर ही खर्च होता है, जनता को यह समझना होगा।

सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा कि ज्ञान और ध्यान सबके लिए जरूरी है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा ज्ञान की नींव है। सरकार को स्कूलों की कमियां दूर करनी चाहिए और शिक्षा प्रणाली में रचनात्मक तत्व जोडऩे होंगे।

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि अन्न और शिक्षा देने वालों को सदा स्मरण करना चाहिए। छब्बी गांव को दिया गया एक करोड़ रुपए का अनुदान सही उपयोग हुआ है। शिक्षा का दान सर्वोत्तम कार्य है, यहां कॉलेज भी स्थापित होना चाहिए।

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By Bharat Ki Awaz

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