शिवमोग्गा. जहां एक ओर लोग संतान प्राप्ति के लिए देवी-देवताओं से मन्नत मांगते हैं, वहीं शिवमोग्गा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। एक मां ने अस्पताल के शौचालय में प्रसव कर अपने ही नवजात शिशु का गला ब्लेड से काटकर उसकी हत्या कर दी।
यह घटना शिवमोग्गा जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड के शौचालय में हुई। एक दिन के शिशु का शव मिलने के बाद दोड्डपेटे पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का नाम शैला है, जो दावणगेरे जिले के होन्नाली तालुक के तिम्लापुर गांव की रहने वाली है। पहले से ही उस पर शक था क्योंकि उसी दिन वार्ड में भर्ती अन्य सभी प्रसूताओं के पास बच्चे थे, जबकि शैला के पास नहीं था।
पुलिस जांच में सामने आया कि शैला ने चार वर्ष पहले नसबंदी ऑपरेशन कराया था। इसके बावजूद वह गर्भवती हो गई, परन्तु उसने इसे परिवार से छुपा लिया। 16 अगस्त को जब अपनी ननद की डिलीवरी के लिए अस्पताल आई थी, तभी उसे भी प्रसव पीड़ा हुई और उसे भर्ती कराया गया था।
शैला ने अकेले ही शौचालय में सामान्य प्रसव कर बच्चे को जन्म दिया और फिर सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले ब्लेड से गला काटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया है। अब वह न्यायिक हिरासत में है और केंद्रीय कारागार भेज दी गई है।
इस मामले पर जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. सिद्धनगौड़ा पाटील ने कहा कि नवजात की हत्या करना बड़ा अपराध है। संतान न होने की पीड़ा से अनेक महिलाएं गुजरती हैं और बच्चा पाने के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। ऐसे में नवजात को मारना असहनीय कृत्य है।