बहु ग्राम जल योजना लड़खड़ाईअंकोला तालुक के बेलसे गांव में निर्माणाधीन बहुग्राम पेयजल टैंक का दृश्य।

गर्मी में बढ़ी पानी की किल्लत

कारवार जिले के कई गांवों में सप्लाई बाधित

अधूरे प्रोजेक्ट और तकनीकी समस्याएं बनीं वजह

कारवार. जिले में कई गांवों को एक साथ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई बहुग्राम पेयजल योजनाएं गर्मी की शुरुआत में ही लडख़ड़ाने लगी हैं। कई क्षेत्रों से पानी की आपूर्ति में अनियमितता और कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

कई क्षेत्रों में योजना लागू, फिर भी संकट बरकरार

कारवार, सिरसी, मुंडगोड और कुमटा तालुकों के केरवडी, गोटेगाली, बनवासी, बदनगोड़, मलगी और मादनगेरी जैसे क्षेत्रों में ये योजनाएं लागू हैं। वहीं, जिले के 8 स्थानों पर परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं।

गोटेगाली और केरवडी क्षेत्रों की योजनाएं काली नदी पर निर्भर हैं, लेकिन समुद्री खारे पानी के प्रवेश से शुद्ध जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। वर्तमान में कई गांवों में दो दिन में एक बार ही पानी मिल पा रहा है।

नदियों का जलस्तर घटा, भूजल भी नीचे

बढ़ती गर्मी के कारण वरदा और काली जैसी नदियों का प्रवाह कम हो गया है। खुले कुएं और बोरवेल भी सूखने की कगार पर हैं। मई तक स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

अधूरे प्रोजेक्ट और धीमी गति बनी समस्या

सिरसी के दासनकोप्पा में 2014 में शुरू हुई 3.45 करोड़ रुपए की योजना अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। कई गांवों में तीन-चार दिन में एक बार ही पानी मिल रहा है।

मुंडगोड और अंकोला क्षेत्रों में भी पाइपलाइन और जलाशय परियोजनाएं अधूरी हैं। भटकल में शरावती नदी से पानी लाने की योजना तकनीकी कारणों से बीच में ही अटक गई है।

तकनीकी और बिजली समस्याएं भी बाधा

पाइपलाइन लीकेज, पंपसेट खराबी और बिजली आपूर्ति में रुकावट के कारण नियमित जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, एक घंटे की बिजली कटौती से पानी सप्लाई में 4-5 घंटे की देरी हो जाती है।

प्रशासन के दावे और ग्रामीणों की शिकायतें

अधिकारियों का कहना है कि समस्या आने पर तुरंत समाधान किया जाता है और वैकल्पिक उपायों पर काम चल रहा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि योजनाएं “आम गति” से चल रही हैं और उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।

कुछ स्थानों पर जल शुद्धिकरण संयंत्र की कमी और भंडारण टैंकों का अभाव भी समस्या को बढ़ा रहा है।

गंदा पानी मिल रहा, शुद्धिकरण संयंत्र जरूरी

ग्रामीणों की मांग है कि लगातार पानी उपलब्ध कराया जाए। बारिश के दौरान काली नदी का कीचडय़ुक्त पानी सप्लाई किया जाता है, इसलिए शुद्धिकरण संयंत्र जरूरी है।
बसवराज, गौवटन निवासी

धीमी गति से चल रही योजनाएं बनी समस्या

बहुग्राम पेयजल योजना कछुआ गति से चल रही है, जिसके कारण गर्मी में ग्रामीणों को पानी से वंचित होना पड़ रहा है।
हम्मन्ना नायक, शेटगेरी निवासी

तकनीकी दिक्कतों से ही आपूर्ति प्रभावित

बिजली समस्या, पाइपलाइन लीकेज जैसी तकनीकी दिक्कतों के कारण ही जल आपूर्ति में बाधा आती है। बाकी समय लगातार पानी दिया जा रहा है।
राजेश्वरी कदम, सहायक कार्यकारी, अभियंता, ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग

टैंक की कमी, वैकल्पिक आपूर्ति जारी

दांडेेली तालुक के कई गांवों में बहुग्राम योजना लागू है, लेकिन पानी भंडारण के लिए टैंक की कमी है। इस संबंध में विधायक को पत्र लिखा गया है।
संतोष हेलवर, पीडीओ, अंबेवाडी ग्राम पंचायत

बिजली संकट बड़ी बाधा

बिजली की कमी के कारण निरंतर जल आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। इस बारे में हेस्कॉम अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
मीनाक्षी, एईई, ग्रामीण पेयजल विभाग

नई योजनाओं का प्रस्ताव

जिले के दो स्थानों पर नई बहुग्राम पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए हैं।
आर. सत्यप्पा, कार्यकारी अभियंता

तीन-चार दिन में एक बार ही मिल रहा पानी

योजना होने के बावजूद तीन-चार दिन में थोड़ा-सा पानी ही मिल पा रहा है, उसी पर लोग निर्भर हैं।
मंजुनाथ वाल्मीकि, सामाजिक कार्यकर्ता, मलगी

 

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By Bharat Ki Awaz

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