तनावपूर्ण माहौल में कूटनीति पर जोर; नए सैन्य हमलों के वैश्विक असर को लेकर दी चेतावनी
मास्को/वॉशिंगटन: वैश्विक अस्थिरता के बीच व्लादिमिर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को करीब 90 मिनट तक महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान संकट और रूस–यूक्रेन युद्ध जैसे ज्वलंत अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
ईरान संकट पर कड़ी चेतावनी
वार्ता के दौरान पुतिन ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की गई, तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
युद्धविराम बढ़ाने के फैसले का स्वागत
व्लादिमिर पुतिन ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय की सराहना की। उन्होंने इसे शांति वार्ताओं को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
यूक्रेन युद्ध पर भी गहन विचार-विमर्श
करीब पांच वर्षों से जारी रूस–यूक्रेन युद्ध पर भी दोनों नेताओं के बीच विस्तार से चर्चा हुई। पुतिन ने 9 मई को मनाए जाने वाले विजय दिवस के अवसर पर यूक्रेन के खिलाफ अस्थायी युद्धविराम लागू करने की इच्छा जताई। इस प्रस्ताव का ट्रंप ने समर्थन करते हुए इसे शांति की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
कूटनीतिक प्रयासों पर जोर
पुतिन ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए रूस हर संभव कूटनीतिक सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने दोहराया कि भविष्य में किसी भी सैन्य कार्रवाई के परिणाम वैश्विक स्तर पर गंभीर हो सकते हैं, इसलिए संवाद ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
वैश्विक नजरें इस वार्ता पर
यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रही है। पुतिन और ट्रंप की इस बातचीत ने एक बार फिर संकेत दिया है कि वैश्विक संकटों के समाधान के लिए सैन्य टकराव नहीं, बल्कि कूटनीति और संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो सकते हैं।
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