अंतर अनुशासनिक अध्ययन करें अध्यापक

प्रो. टीवी कट्टिमनी ने दी सलाह

एक दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन

मेंगलूरु. संत अलोशियस (मानित विश्वविद्यालय), मेंगलूरु में शनिवार को एक दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (ऑनलाइन) का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का विषय ‘”राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)- 2020 उच्च शिक्षा संस्थानों में भाषाओं का महत्व एवं शिक्षण पद्धति’ रहा।

कार्यक्रम में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुंद प्रभु ने प्रास्ताविक भाषण में कहा कि भाषा संस्कृति और संस्कार की जड है।

सभा अध्यक्ष- कुलसचिव, डॉ. आल्विन डेसा ने कहा कि हमारे यहां एनईपी के अनुसार भाषा और सांस्कृतिक अध्ययन निकेतन के अंतर्गत स्थानीय भाषा तुळु से लेकर विदेशी भाषा फ्रेंच तक कुल सात भाषाओं को पढ़ाया जाता है।

तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में जुडे आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय के केंद्रीय जनजातीय विजयनगरम के पूर्व कुलपति प्रो. टीवी कट्टिमनी ने कहा कि अध्यापकों की पदोन्नति होने का मतलब और भी अधिक अध्ययन करना होता है।

दूसरे सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में जुडे संत अलोशियस (मानित विश्वविद्यालय), मेंगलूरु, शिक्षा निकेतन के अध्यक्ष डॉ. फरीटा एनएफ. वेगस ने कहा कि आलोचनात्मक चिंतन शिक्षण छात्रों को जागरूक बनाता है।

वेबिनार में लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

डॉ. महबूबअली ए नदाफ ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। जूडित और सलोनी ने विषय-विशेषज्ञों का परिचय दिया। विद्या राठोड ने कार्यक्रम का संचालन किया। जहान्वी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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By Bharat Ki Awaz

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