काली पुल की सुरक्षा दीवार ढही, भूस्खलन!काली पुल की ढही सुरक्षा दीवार।

दांडेेली (कारवार). कारवार के काली पुल दुर्घटना की यादें अभी मिट भी नहीं पाई थीं कि दांडेेली का काली पुल भी जर्जर होकर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है। पुल का एक-एक हिस्सा टूटकर गिरने लगा है। कुलगी रोड पर काली नदी पर बने इस पुल के शुरुआती आधार स्तंभ की बाईं ओर की सुरक्षा दीवार पूरी तरह नदी के पानी में बह गई और भूस्खलन हो गया।

पुल अब खतरनाक स्थिति में है। 70 के दशक में करोड़ों रुपए की लागत से जब काली जलविद्युत परियोजना शुरू हुई थी, उस समय अंबिकानगर नागझरी पावर हाउस के लिए भारी मशीनरी ले जाने के लिए इस पुल का निर्माण किया गया था। उचित रखरखाव न होने से यह पुल धीरे-धीरे कमजोर हो चुका है और जगह-जगह दरारें नजर आ रही हैं।

पुल की सुरक्षा दीवारें गिर रही हैं। पुल पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। दोनों ओर की फिलर दीवारों पर आवला, अमरूद और अन्य किस्मों के पेड़-पौधे उग आए हैं। नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ मौजूद हैं, जिससे यह पुल “मगरमच्छ अवलोकन केंद्र” बन चुका है।

इस पुल का रखरखाव लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को करना था। पुल के पास ही उनके सर्किट हाउस और क्वार्टर बने हैं। रोज पुल की स्थिति देखते हुए भी जांच-पड़ताल न करना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। अब भी यदि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान न दें तो शहर को जोडऩे वाला यह एकमात्र पुल पूरी तरह जर्जर हो जाएगा। जनता की मांग है कि तत्काल इसकी मरम्मत करवाई जाए।

एक अधिकारी का कहना है कि पुल के जर्जर होने के बारे में जानकारी है। पुल के मरम्मत के लिए कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *