विजयपुर. महाराष्ट्र सरकार की ओर से कृष्णा और भीमा उपनदियों पर की गई अवैध परियोजनाओं के संबंध में 2007 में ही कर्नाटक जल आयोग ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
विशेषज्ञ समिति ने इन परियोजनाओं के कारण बाढ़ और अकाल जैसी परिस्थितियों के उत्पन्न होने की चेतावनी दी थी परन्तु तत्कालीन गठबंधन सरकार (एच.डी. कुमारस्वामी नेतृत्व) और बाद के सभी सरकारों ने इस रिपोर्ट पर गंभीर ध्यान नहीं दिया। रिपोर्ट में परियोजनाओं के नाम, पानी की मात्रा, नक्शे और महाराष्ट्र को आबंटित पानी की तुलना सहित समग्र अध्ययन शामिल था। कृष्णा भाग्य जल निगम के मुख्य इंजीनियर के नेतृत्व में तैयार यह रिपोर्ट लंबे समय तक जल संसाधन विभाग की फाइलों में धूल फांक रही है।
विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कोल्हार कुलकर्णी ने अपनी पुस्तक ‘सुप्रीम कोर्ट नल्ली भोरगरेद भीमा’ में भी इन अवैध परियोजनाओं का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में आलमट्टी बांध की ऊंचाई बढ़ाने और उज्जणी जलाशय से सीना नदी में अवैध पानी छोडऩे की घटनाओं का विवरण था।

