यादगिरी. सुरपुर तालुक के तिप्पनटगी गांव के तीन लोगों की उल्टी-दस्त के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बाद मौत हो गई है। ग्रामीणों ने संदेह जताया है कि उन्होंने दूषित पानी पीया है, परन्तु अधिकारियों ने इसे खारिज किया है।
मामले का विवरण
पिछले कई दिनों से तिप्पनटगी गांव में उल्टी-दस्त की समस्या गंभीर हो गई है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच, पिछले दस दिनों में उल्टी-दस्त के कारण निजी और विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराए गए देवीकेम्मा होट्टी (60), वेंकम्मा (50) और रामन्ना पुजारी (64) की मौत हुई है। चार और लोगों की हालत गंभीर है और उनका कलबुर्गी शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
बताया जा रहा है कि दूषित पानी पीने से तीन और लोगों की मौत हुई है परन्तु अधिकारियों ने फिलहाल इससे इनकार किया है। जांच के लिए भेजे गए गांव के विभिन्न जल स्रोतों की रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया है तथा बीमार लोगों के उपचार के लिए कदम उठाए गए हैं।
जिला प्रभारी मंत्री ने दर्शनापुर का किया दौरा
जिला प्रभारी मंत्री शरणबसप्पा दर्शनापुर ने उल्टी-दस्त के एक और मामले की जानकारी मिलने पर तिप्पनटगी गांव का दौरा कर निरीक्षण किया।
इस दौरान अधिकारियों से घटना की जानकारी मिलने पर वे आरओ प्लांट पर गए तथा उसका निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने रोष जताया कि ग्राम पंचायत पीडीओ ने कोई सफाई नहीं की है। वे एक बार भी गांव में नहीं आए। मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि घटना की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि लैब को भेजे गए पानी की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
तीन और लोगों की मौत पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि वे दूषित पानी पीने से नहीं मरे हैं। प्रारंभिक तौर पर समझा जा रहा है कि वे अलग-अलग बीमारियों से मरे हैं। पानी की रिपोर्ट आने के बाद ही सब पता चल पाएगा।

