मलप्रभा नदी में बढ़ता जलस्तर, तटीय गांवों में चिंता का माहौलनरगुंद तालुक के कोन्नूर के पास मलप्रभा बाढ़ से पुराना मलप्रभा पुल डूब जाने के कारण कोन्नूर-गोवनकोप्पा मार्ग पर ठप हुआ यातायात।

गदग. पिछले दो सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार को मलप्रभा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इससे नरगुंद तालुक में नदी तट के गांवों के लोग दहशत में हैं।

सवदत्ती के पास स्थित नवीलतीर्थ बांध भरने में अब केवल एक फुट पानी की जगह बची है। मंगलवार शाम को 12,794 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा गया, जबकि 15,125 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। बारिश इसी तरह जारी रहे से बुधवार को और अधिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे फसल और घरों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

फसलों को नुकसान

प्रशासन का कहना है कि लकमापुर गांव के खेतों में पानी घुस चुका है। मक्का, गन्ना और सब्जियों की फसल प्रभावित हो रही है। यदि 15,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया तो गांवों के घरों में भी पानी भरने की संभावना है।

पुल जलमग्न, यातायात बाधित

कोन्नूर के पास मलप्रभा नदी पर बना पुराना पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे कोन्नूर-गोवनकोप्पा मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है।

आशंका में ये गांव

लकमापुर, बेल्लेरी, वासन, कोन्नूर, कल्लापुर, कपली, शिरोल और बूदीहाल जैसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

प्रशासन ने की तैयारी

उपविभागीय अधिकारी गंगप्पा एम. ने लकमापुर और कोन्नूर गांवों का दौरा कर ग्रामवासियों से बैठक की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से नदी के पास न जाएं। बाढ़ की स्थिति बिगडऩे पर लोगों की सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं।
इस अवसर पर लकमापुर गांव के निवासी, कोन्नूर के राजस्व निरीक्षक कलसण्णवर, ग्राम लेखाधिकारी तथा पीडीओ वाली उपस्थित थे।

तालुक प्रशासन पूरी तरह से तैयार

मलप्रभा नदी का बाढ़ का पानी लकमापुर की जमीनों में प्रवेश कर चुका है। इससे कुछ हद तक फसलों को नुकसान हुआ है। यदि बाढ़ गांव की ओर बढ़ती है तो लोगों की सुरक्षा के लिए तालुक प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।
श्रीशैल तलवार, तहसीलदार, नरगुंद

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By Bharat Ki Awaz

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