चिक्कमगलूरु में दर्दनाक घटना
मानसिक अस्वस्थता और दूर रह रहे बच्चों के कारण हुई अनहोनी
दुर्गंध से खुला मामला
चिक्कमगलूरु. जिले के बणकल कस्बे से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 77 वर्षीय वृद्ध का शव घर में करीब दस दिनों तक पड़ा रहा और उनकी मानसिक रूप से अस्वस्थ पत्नी उसी के साथ रहती रही। घटना ने समाज में बुजुर्गों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीमारी के बाद हुई मौत, किसी को भनक नहीं
सुभाष नगर निवासी सिरिल मोनिस (77) हाल ही में बीमारी से जूझ रहे थे। उनका बेटा मेल्विन मोनिस, जो बेंगलूरु में निजी कंपनी में कार्यरत है, कुछ दिन पहले इलाज कराकर वापस लौट गया था। बेटी दुबई में शिक्षिका है। माता सिसिल मोनिस मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं सकीं।
फोन पर मिलते रहे ‘सब ठीक’ के जवाब
बेटा लगातार फोन कर पिता की तबीयत पूछता रहा, लेकिन हर बार मां की ओर से “स्वस्थ हैं” जवाब मिलने से किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई। दरअसल, पिता की मौत करीब दस दिन पहले ही हो चुकी थी, जिसका अहसास पत्नी को नहीं हो सका।
दुर्गंध से हुआ खुलासा
कुछ दिनों बाद बेटे को संदेह हुआ और उसने अपने मित्र को घर भेजा। घर से आ रही तीव्र दुर्गंध ने पड़ोसियों को भी सतर्क किया। अंदर जाकर देखने पर वृद्ध का शव सड़ी-गली अवस्था में मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
सामाजिक कार्यकर्ता और पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बाद में बणकल के ईसाई कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कराया गया। बेटे को अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हो सके।
समाज के लिए चेतावनी
जनसंख्या वाले क्षेत्र में होने के बावजूद इतनी देर तक घटना का पता न चलना चौंकाने वाला है। यह घटना बुजुर्गों की देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जिम्मेदारी को लेकर समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

