सिद्धरामय्या बोले—एलपीजी आपूर्ति केंद्र की जिम्मेदारी, उपचुनाव एक सप्ताह में संभव
बागलकोट. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि बागलकोट में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के साथ दिवंगत नेता एचवाई मेटी का सपना साकार किया जा रहा है।
बागलकोट के नवनगर हेलिपैड पर शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विशेष प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना एचवाई मेटी के लंबे प्रयासों और उनके संकल्प का परिणाम है। सरकार ने परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और निर्माण कार्य के लिए एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है। इसी कारण अब आधारशिला कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कृष्णा अपर लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए बजट में प्रावधान न होने के विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना से प्रभावित लोगों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आज से शुरू की जा रही है। यह राशि तीन से चार वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी।
राज्य में चर्चा का विषय बने ई-स्वत्व (ई-प्रॉपर्टी) मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस समस्या का शीघ्र समाधान करेगी। वहीं मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास को चुनावी स्टंट बताने के विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने सवाल किया कि जब भाजपा चार वर्ष तक सत्ता में थी, तब उसने यह कॉलेज क्यों नहीं स्थापित किया।
आगामी उपचुनावों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बागलकोट और दावणगेरे क्षेत्रों के उम्मीदवारों का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। एचवाई मेटी के परिवार को टिकट मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं।
एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि राज्य सरकार वितरण का काम करती है। इस संबंध में राज्य के खाद्य मंत्री ने दो बैठकें की हैं और केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आंतरिक आरक्षण के मुद्दे पर 27 मार्च को बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

