वरिष्ठ विधायक के निधन से खाली सीट पर उपचुनाव की तैयारी
कांग्रेस-भाजपा में उम्मीदवार चयन पर मंथन तेज
दावणगेरे. कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में उम्मीदवार चयन को लेकर गहन मंथन जारी है।
गौरतलब है कि 14 दिसंबर 2025 को शामनूर शिवशंकरप्पा का निधन हो गया था, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई। अब इस सीट पर उपचुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
दावणगेरे विधानसभा क्षेत्र का 2008 में परिसीमन हुआ था, जिसके बाद इसे दावणगेरे उत्तर और दावणगेरे दक्षिण दो हिस्सों में विभाजित किया गया। इससे पहले संयुक्त दावणगेरे क्षेत्र से शामनूर शिवशंकरप्पा 1994 और 2004 में विधायक चुने गए थे।
परिसीमन के बाद बने दावणगेरे दक्षिण क्षेत्र में भी उनका विजय अभियान जारी रहा। 2008 के चुनाव में उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार यशवंत राव जाधव को 6,358 वोटों से हराया। इसके बाद 2013 के चुनाव में जेडीएस उम्मीदवार के. सैयद सैफुल्लाह को 40,158 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया, जबकि भाजपा तीसरे स्थान पर रही।
2018 में उन्होंने लगातार तीसरी बार कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की और भाजपा के यशवंत राव जाधव को 15,884 वोटों से हराया। वहीं 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के बी. जी. अजय कुमार को 27,888 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। उस समय वे देश के सबसे वरिष्ठ विधायक के रूप में भी चर्चित हुए थे।
इस तरह 2008 में दावणगेरे दक्षिण सीट बनने के बाद से अब तक केवल शामनूर शिवशंकरप्प ही यहां से विधायक चुने जाते रहे। उनके निधन के बाद पहली बार इस सीट पर नया चुनाव होने जा रहा है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार मतदाता किस दल के उम्मीदवार को अपना समर्थन देते हैं।

