कुंदापुर में सौपर्णिका नदी पर 58 साल पुराने अराटे पुल की हालत जर्जर
तीन महीने पहले भूमिपूजन, पर काम ठप
कुंदापुर (उडुपी). राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर सौपर्णिका नदी के ऊपर बने अराटे पुराने पुल की मरम्मत के लिए सरकार ने 85 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। करीब तीन महीने पहले मरम्मत कार्य के लिए भूमिपूजन भी किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढऩे लगी है।
लोगों का कहना है कि पुल के पिलर अभी भी अच्छी स्थिति में हैं, जबकि ऊपर का कंक्रीट ढांचा काफी जर्जर हो चुका है। इसी कारण योजना के तहत पिलरों को हटाए बिना पुल के ऊपरी कंक्रीट हिस्से को हटाकर मरम्मत करने का प्रस्ताव बनाया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार पूरे काम को पूरा करने में लगभग डेढ़ वर्ष लग सकते हैं। इस परियोजना का भूमिपूजन सांसद बी. वाई. राघवेंद्र ने 20 दिसंबर को किया था, लेकिन अब तक काम शुरू होने के संकेत नहीं मिले हैं। आगामी दो-तीन महीनों में मानसून शुरू होने वाला है, जिससे मरम्मत कार्य और कठिन हो सकता है।
वाहनों का बढ़ा दबाव
25 नवंबर 2024 से अराटे के पुराने पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है और यातायात को नए पुल की ओर मोड़ दिया गया है। इससे अराटे से मूवत्तुमुडी और कन्नडकुद्रु तक का राष्ट्रीय राजमार्ग-66 दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन गया है। यहां लगातार ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
नए पुल पर भी सुविधाओं का अभाव
नए पुल पर दोनों दिशाओं के वाहनों को एक ही मार्ग से निकाला जा रहा है। बीच में कोन लगाकर मार्ग विभाजित किया गया है, जिनसे कई वाहन टकराकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर सिग्नल लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं, लेकिन पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। अराटे और मूवत्तुमुडी दोनों ओर बने डाइवर्जन पर भी रोशनी की कमी से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
पर्यटन सीजन से बढ़ी समस्या
गर्मी की छुट्टियां शुरू होने से तटीय क्षेत्र की ओर आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। मरवंते, कोल्लूर, ओत्तिनेणे, मुरुडेश्वर और उडुपी की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही अधिक होने से अगले दो महीनों तक यहां लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहने की आशंका है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता नवीन गंगोळी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-66 दक्षिण कन्नड़, गोवा और महाराष्ट्र को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस पर प्रतिदिन भारी मात्रा में मालवाहक और यात्री वाहन चलते हैं। इसलिए पुराने पुल की मरम्मत जल्द शुरू कर निर्धारित समय में पूरी करनी चाहिए, ताकि यातायात फिर से सुचारु रूप से संचालित हो सके।

