युद्ध के असर से ऑटो एलपीजी संकटदावणगेरे के प्याज मंडी के पास स्थित एलपीजी पंप पर ऑटो रिक्शा में इंधन भरवाते ऑटो चालक।

10 दिनों में 20 रुपए महंगा ईंधन

ऑटो रिक्शा चालकों की मुश्किलें बढ़ीं

गैस बंक पर लंबी कतारें

होटल और हॉस्टल भी संकट में

दावणगेरे. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के असर से दावणगेरे शहर में ऑटो रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति अनिश्चित हो गई है। पिछले 10 दिनों में एलपीजी की कीमत में करीब 20 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे ऑटो चालकों की परेशानी बढ़ गई है।

शहर में ऑटो के लिए एलपीजी उपलब्ध कराने वाले पांच पंप हैं। इनमें से कुछ पंप पर गैस खत्म होने की आशंका है, जबकि कुछ जगहों पर आपूर्ति सीमित होने के कारण ऑटो चालकों को ईंधन भरवाने के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।

वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल, हॉस्टल, पेइंग गेस्ट आवास और इंदिरा कैंटीन जैसी जगहों पर भी संकट पैदा हो गया है। कई स्थानों पर रसोई गैस के विकल्प के रूप में लकड़ी के चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है। इसी बीच ऑटो के लिए एलपीजी की कमी ने चालकों की रोजी-रोटी पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

शहर में चार हजार से अधिक ऑटो रिक्शा चल रहे हैं। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण कई चालकों ने वर्षों पहले एलपीजी को वैकल्पिक ईंधन के रूप में अपनाया था। एक लीटर एलपीजी से लगभग 20 किलोमीटर तक का माइलेज मिलता है। 28 फरवरी तक एलपीजी की कीमत 58 रुपए प्रति किलोग्राम थी, लेकिन इजराइल, अमरीका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद कीमतों में रोजाना 2 से 3 रुपए तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।

ऑटो चालक महेश ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन ऑटो का 250 रुपए किराया देना पड़ता है और यात्रियों को सेवा देने के लिए रोज औसतन तीन लीटर एलपीजी की जरूरत होती है। ईंधन महंगा होने से वाहन चलाने का खर्च बढ़ गया है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग पर रोक होने से जीवनयापन कठिन हो गया है।

एक अन्य चालक एम. मंजुनाथ ने कहा कि पहले वह दो दिन के लिए पर्याप्त एलपीजी भरवा लेते थे, लेकिन अब कीमत बढऩे से ईंधन बड़ा खर्च बन गया है और आय भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है।

चालकों का कहना है कि यदि एलपीजी की कीमत 100 रुपए तक पहुंचती है तो उन्हें ऑटो घर पर खड़ा करने की नौबत आ सकती है।

पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति सामान्य

दूसरी ओर वाहनों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। शहर के एस.एस. कॉलोनी, एमसीसी कॉलोनी और सिद्धवीरप्पा कॉलोनी इलाके की लगभग 1400 घरों में पीएनजी कनेक्शन है, जहां एलपीजी के स्थान पर पीएनजी से खाना बनाया जा रहा है।

वाहनों के लिए शहर में पांच सीएनजी पंप हैं और इसकी कीमत करीब 84 रुपए प्रति किलोग्राम है। फिलहाल इसकी आपूर्ति और कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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By Bharat Ki Awaz

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