हर महिला समाज का प्रतिबिंब, परिवार के संस्कार और स्नेह का केंद्रधारवाड़ के कर्नाटक विद्यावर्धक संघ में मंगलवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 कार्यक्रम में छात्राओं को सम्मान किया गया।

डीसी स्नेहल आर. ने कहा

धारवाड़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान

हुब्बल्ली. जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने कहा कि प्रत्येक महिला समाज का प्रतिबिंब होती है और परिवार को संस्कार, स्नेह तथा स्वास्थ्य देने का केंद्र बिंदु भी वही है। इसलिए महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना समाज की जिम्मेदारी है।

वे मंगलवार को कर्नाटक विद्यावर्धक संघ में जिला प्रशासन, जिला पंचायत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता परिवार की सुरक्षा और मजबूती को बढ़ाती है। कई परिस्थितियों में महिलाएं त्याग और निस्वार्थ भाव से कार्य करती हैं, इसलिए उनके योगदान को सम्मान देना आवश्यक है। कोविड जैसी कठिन परिस्थितियों में भी महिलाओं ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना समाज की सेवा की है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आज के समय में महिलाओं की भूमिका तेजी से बदली है और वे शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा सरकारी सेवाओं सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। पुरुषों के सहयोग और समानता की बढ़ती भावना के कारण महिलाएं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं। सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं और कानून लागू किए हैं, जिनका प्रभाव समाज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

कार्यक्रम में धारवाड़ जिला स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश सुवर्णा के. मिर्जी ने कहा कि आज महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पहले उन्हें समान अवसर कम मिलते थे, लेकिन अब वे शिक्षा, रोजगार और प्रशासन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां महिलाएं घर के कार्यों के साथ-साथ विभिन्न रोजगारों से जुडक़र परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। हालांकि इन उपलब्धियों के बावजूद महिलाओं को मानसिक दबाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए समाज को उनके प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, खिलाडिय़ों, विद्यार्थियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक गुंजन आर्य, महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी विजयलक्ष्मी पाटील सहित कई अधिकारी, छात्राएं और नागरिक उपस्थित थे।

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By Bharat Ki Awaz

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