बारिश की कमी से धान की बुवाई प्रभावित
कर्नाटक समेत दक्षिण भारत में उत्पादन घटा, मिलों पर भी संकट
बेंगलूरु। कर्नाटक समेत दक्षिण भारत में बारिश की कमी और पानी के गंभीर संकट ने धान उत्पादन को प्रभावित किया है। इससे आने वाले दिनों में चावल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका है। व्यापारियों के अनुसार, हालात नहीं सुधरे तो सामान्य चावल की कीमत जल्द ही 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
धान की बुवाई में भारी गिरावट
राज्य के ‘धान के कटोरे’ कहे जाने वाले रायचूर, बल्लारी और कोप्पल सहित कई जिलों में पानी की कमी के कारण धान की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वर्ष करीब 10 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 20 प्रतिशत क्षेत्र में ही रोपाई हो सकी है।
कावेरी और तुंगभद्रा जलाशयों के सिंचाई क्षेत्रों में भी पानी की कमी के चलते किसान धान की रोपाई से पीछे हट रहे हैं।
दूसरे राज्यों से भी आपूर्ति घटी
बारिश की कमी का असर केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है। पड़ोसी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी धान का उत्पादन घटने से वहां से कर्नाटक आने वाली चावल की आपूर्ति लगभग रुक गई है।
प्रमुख शहरों के खुदरा बाजार में करीब 50 रुपए किलो बिकने वाला सामान्य चावल अब 70 से 80 रुपए किलो के पार पहुंच गया है। व्यापारियों को आशंका है कि बारिश की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कीमत जल्द ही 100 रुपए किलो तक पहुंच सकती है।
चावल मिलों पर भी संकट
धान की कमी के कारण दावणगेरे और रायचूर की प्रसिद्ध चावल मिलें भी बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। वर्तमान में चल रही मिलों में भी कुछ ही दिनों के लिए धान का भंडार बचा है। इसके बाद मिलिंग पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
बाजार में संकट और कीमतों में संभावित उछाल को रोकने के लिए सरकार से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के गोदामों में उपलब्ध अनाज को तत्काल खुले बाजार में जारी करने की मांग उठ रही है। साथ ही कालाबाजारी पर रोक लगाकर उपभोक्ताओं को उचित दर पर चावल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

