50 हजार से अधिक संपत्तियां बिना दस्तावेज50 हजार से अधिक संपत्तियां बिना दस्तावेज

इ-स्वत्तु के लिए जूझ रहे अधिकारी

ग्रामीण क्षेत्र की 2.82 लाख संपत्तियों में 50,713 के मूल दस्तावेज नहीं

खाता और इ-स्वत्तु जारी करना बड़ी चुनौती

बल्लारी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-कृषि संपत्तियों को इ-स्वत्तु और खाता दस्तावेज उपलब्ध कराने की सरकारी योजना के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। जिले के पांच तालुक पंचायत क्षेत्रों में 50,713 संपत्तियों के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में इन संपत्तियों का सत्यापन कर आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करना स्थानीय प्रशासन के लिए कठिन साबित हो रहा है।

2.82 लाख संपत्तियों का रिकॉर्ड

बल्लारी, कंपली, कुरुगोडु, संडूर और सिरुगुप्पा तालुकों में कुल 2,82,646 संपत्तियां हैं। इनमें 69,084 संपत्तियों के पास 11ए और 35,211 के पास 11बी दस्तावेज हैं। कुल 1,04,295 संपत्तियां इ-स्वत्तु के दायरे में आ चुकी हैं। इसके बावजूद 50,713 संपत्तियों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

तालुकवार आंकड़ों के अनुसार बल्लारी में 25,673, कंपली में 2,463, कुरुगोडु में 5,034, सडूर में 7,775 और सिरुगुप्पा में 9,768 संपत्तियां दस्तावेजों के अभाव से जूझ रही हैं।

पुराने मौखिक लेन-देन बनी बड़ी वजह

ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों ने दशकों पहले खाली जमीन पर घर या झोपड़ी बनाई अथवा खेतों में मकान खड़े किए। कई मामलों में जमीन या मकान की खरीद-बिक्री स्थानीय स्तर पर विश्वास और आपसी सहमति के आधार पर बिना दस्तावेज के हुई। कुछ संपत्तियां सहानुभूति के आधार पर दी गईं या बाद में हस्तांतरित हुईं।

कई जगह मूल वारिस और वर्तमान में रह रहे मालिक अलग-अलग हैं। कृषि भूमि पर बने मकानों के पास भी कृषि भूमि की पहणी तो है, लेकिन आवासीय संपत्ति का मूल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इससे खाता और इ-स्वत्तु दस्तावेज जारी करने में दिक्कत आ रही है।

वारिसों की तलाश में जुटा प्रशासन

दो दशक से अधिक समय से इन संपत्तियों में रह रहे परिवार अब आधिकारिक दस्तावेज हासिल करने के लिए मूल वारिसों और पुराने रिकॉर्ड की तलाश कर रहे हैं। स्थानीय निकायों को इ-स्वत्तु और 11बी दस्तावेज जारी करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन रिकॉर्ड के अभाव में प्रक्रिया धीमी पड़ रही है।

जिला पंचायत, बल्लारी के उपसचिव शशिकांत शिवपूरे ने बताया कि पांच तालुक पंचायत क्षेत्रों में 50,713 संपत्तियों में दस्तावेजों की कमी है। इनकी जांच कर 11बी और इ-स्वत्तु दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। 10-15 वर्षों से रह रहे परिवारों की गैर-कृषि संपत्तियों के आवश्यक दस्तावेज जुटाकर खाता जारी करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

आंकड़ों पर एक नजर

तालुक – कुल संपत्तियां – 11ए — 11बी — इ-स्वत्त – दस्तावेज की कमी

बल्लारी – 1,01,403 – 32,482 – 20,602 – 53,084 -25,673
कंपली – 26,637 – 5,513 – 2,518 – 8,031 – 2,463
कुरुगोडु – 32,149 – 6,504 – 5,170 – 11,674 – 5,034
संडूर – 59,645 – 12,626 – 2,371 – 14,997 – 7,775
सिरुगुप्पा – 59,812 – 11,959 – 4,550 – 16,509 – 9,768

 

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By Bharat Ki Awaz

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