बल्लारी के रामनमले ब्लॉक में खनन से 29 हजार पेड़ों को खतरा वन विभाग ने अनुमति देने से किया इनकार
शिवमोग्गा. भद्रावती स्थित विजयनगर आयरन एंड स्टील लिमिटेड (वीआईएसएल) को खनन क्षेत्र देने के मामले में एक बार फिर झटका लगा है। बल्लारी वन मंडल के उप वन संरक्षक (डीसीएफ) द्वारा पहले दी गई नकारात्मक रिपोर्ट को अब मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) ने भी सही ठहराते हुए खनन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, बल्लारी जिले के संडूर स्थित रामनमले ब्लॉक में लगभग 60.70 हेक्टेयर वन क्षेत्र वीआईएसएल को आवंटित करने का प्रस्ताव था। इस क्षेत्र में लौह अयस्क खनन शुरू करने की योजना बनाई गई थी, ताकि लंबे समय से बंद पड़ी वीआईएसएल इकाई को फिर से शुरू किया जा सके।
हाल ही में केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने वीआईएसएल को पुन: चालू करने के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपए के निवेश का आश्वासन दिया था और उम्मीद जताई थी कि जल्द ही परियोजना को गति मिलेगी।
लेकिन वन विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित खनन क्षेत्र में खनन गतिविधियां शुरू होने पर करीब 29,400 पेड़ों को नुकसान पहुंचेगा और वहां रहने वाले दुर्लभ वन्य जीवों व पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर भी गंभीर असर पड़ेगा। इसी आधार पर डीसीएफ ने खनन की अनुमति देने से इनकार किया था।
अब बल्लारी के मुख्य वन संरक्षण अधिकारी ने भी डीसीएफ की रिपोर्ट का समर्थन करते हुए खनन की अनुमति न देने का निर्णय उचित बताया है। इस फैसले से वीआईएसएल को दोबारा शुरू करने की उम्मीदों को फिलहाल झटका लगा है।

