रोज बनता हजारों लोगों का भोजन
अन्नपूर्णा भोजनालय में 25 से 50 हजार भक्तों को अन्नदान
300-500 लीटर डीजल से तैयार होता प्रसाद
उजिरे (दक्षिण कन्नड़). प्रसिद्ध धर्मस्थल में अन्नदान की परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ निभाया जा रहा है। यहां के अन्नपूर्णा भोजनालय में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करने में स्टीम कुकिंग सिस्टम (भाप आधारित तकनीक) का उपयोग किया जा रहा है।
भोजनालय के प्रबंधक सुब्रह्मण्य प्रसाद के अनुसार, सामान्य दिनों में औसतन 25 हजार श्रद्धालु अन्नप्रसाद ग्रहण करते हैं, जबकि शनिवार, रविवार, सोमवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में यह संख्या बढक़र करीब 50 हजार तक पहुंच जाती है। भक्तों को चावल, सूप, सांभर, सब्जी, शरबत और छाछ परोसा जाता है।
भोजन तैयार करने के लिए प्रतिदिन लगभग 300 लीटर डीजल का उपयोग किया जाता है, जबकि भीड़ अधिक होने वाले दिनों में यह खपत 500 लीटर तक पहुंच जाती है। डीजल से उत्पन्न भाप के जरिए बड़े बायलरों में खाना पकाया जाता है। यहां 850 लीटर क्षमता वाले तीन स्टीम बॉयलर कार्यरत हैं।
केवल तडक़ा और मसाला तैयार करने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। प्रबंधन के अनुसार, फिलहाल गैस की आपूर्ति सुचारु है।
इस आधुनिक व्यवस्था के माध्यम से धर्मस्थल में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

