सतीश जारकीहोली ने दी चेतावनी
हुब्बल्ली में राज्यस्तरीय सम्मेलन में आरक्षण, सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी पर बड़ा मंथन
हुब्बल्ली/हावेरी. लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने अहिंद (अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित वर्ग) को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनेता यह मान बैठे हैं कि अहिंद पूरी तरह उनके पक्ष में है, लेकिन स्थिति वैसी नहीं है। यदि समस्याओं का समाधान कर इस वर्ग को मजबूत नहीं किया गया, तो यह उनसे दूर हो सकता है।
आंदोलन को बनाए रखना होगा सक्रिय
राज्यस्तरीय ‘अहिंद संघर्ष उपलब्धि एवं संकल्प’ संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए जारकीहोली ने कहा कि यह आंदोलन निरंतर सक्रिय रहना चाहिए। उन्होंने 20 वर्ष पहले हुब्बल्ली में हुए सम्मेलन को याद करते हुए कहा कि उसने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया था। अब उसी आधार पर आगे की दिशा तय करनी होगी।
सम्मेलन में प्रमुख हस्तियों की भागीदारी
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश नागमोहन दास, विधान परिषद के मुख्य सचेतक सलीम अहमद, विधायक यासिर खान पठान सहित कई नेता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस दौरान अहिंद विषय पर एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
अहिंद के प्रमुख प्रस्ताव और मांगें
सम्मेलन में सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करना चाहिए। मौजूदा 32 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहिए।
अनुसूचित जाति आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत और जनजाति आरक्षण 3 प्रतिशत से 7 प्रतिशत करना चाहिए।
कुल आरक्षण सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग।
विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पिछड़े वर्गों को राजनीतिक आरक्षण देना चाहिए।
राष्ट्रीय जनगणना में जातिगत गणना शामिल कर समयबद्ध पूरा करना चाहिए।
छात्रों के लिए शिक्षा, हॉस्टल और कौशल प्रशिक्षण सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।
बेघर परिवारों को तत्काल आवास उपलब्ध कराना चाहिए।
‘नई राजनीतिक संभावना’ की चर्चा
अहिंद नेता दानप्पा कब्बेर ने कहा कि सिद्धरामय्या ने इसी तरह के आंदोलन से उभरकर मुख्यमंत्री पद हासिल किया था। अब जारकीहोली के नेतृत्व में भी नई राजनीतिक संभावना बन सकती है।
कैबिनेट और राजनीति पर प्रतिक्रिया
जारकीहोली ने कहा कि मंत्रिमंडल पुनर्गठन पूरी तरह आलाकमान के अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के दिल्ली दौरे को प्रशासनिक कार्य बताया और इसे राजनीतिक रंग देने को गलत ठहराया।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि भाजपा तथ्यों को तोड़-मरोडक़र जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
आरक्षण और जनगणना पर स्पष्टीकरण
मंत्री ने कहा कि आंतरिक आरक्षण पर न्यायालय के आदेशों का पालन जरूरी है। जातिगत जनगणना में कुछ देरी जरूर हुई है, परन्तु घुमंतू समुदायों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं हुआ है और उन्हें आरक्षण का लाभ मिला है।
आगे की रणनीति
अहिंद आंदोलन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्यभर में सम्मेलन और जागरूकता अभियान चलाने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी को इस सामाजिक आंदोलन से जोड़ा जा सके और उनके विचारों को नीति निर्माण में शामिल करना चाहिए।
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