सरकारी अस्पताल में पेड़ कटाई पर डॉक्टर के खिलाफ मामलाहावेरी जिले के हिरेकेरूर स्थित सरकारी अस्पताल ऑक्सीजन प्लांट कक्ष से बरामद हुए बिना अनुमति काटे गए पेड़ के अवशेष।

बिना अनुमति सागवान के पेड़ काटने का आरोप

वन विभाग ने लकड़ी जब्त कर अदालत में सौंपी रिपोर्ट

अस्पताल परिसर में पांच सागवान के पेड़ काटे जाने का मामला

हिरेकेरूर (हावेरी). हावेरी जिले के हिरेकेरूर स्थित सरकारी अस्पताल परिसर में बिना अनुमति पेड़ काटे जाने के मामले में वन विभाग ने अस्पताल के प्रशासनिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. ह्यारड मल्लप्पा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। विभाग ने काटे गए पेड़ों के अवशेष भी जब्त कर मामले की रिपोर्ट न्यायालय को सौंप दी है।

वन विभाग के अनुसार, अस्पताल परिसर में वर्षों पुराने पांच सागवान (टीक) के पेड़ लगे थे, जो मरीजों और उनके परिजनों को छाया प्रदान करते थे। आरोप है कि हाल ही में इन पेड़ों को बिना सक्षम अनुमति के काट दिया गया।

ऑक्सीजन प्लांट कक्ष से बरामद हुए अवशेष

सूचना मिलने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी विजय मूडबागिल और उनकी टीम ने अस्पताल परिसर में छापेमारी की। जांच के दौरान कथित रूप से पेड़ों के अवशेष अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के एक कक्ष में रखे मिले, जिन्हें विभाग ने जब्त कर लिया।

वन अधिकारी विजय मूडबागिल ने बताया कि अस्पताल परिसर में पेड़ों की कटाई बिना वैधानिक अनुमति के की गई, जो कर्नाटक वन अधिनियम का उल्लंघन है। इस संबंध में प्रशासनिक चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध मामला दर्ज कर न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।

हालांकि, डॉ. ह्यारड मल्लप्पा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, इसलिए उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक एवं विभागीय जांच के बाद ही होगी।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार वृक्षारोपण को बढ़ावा दे रही है, वहीं सार्वजनिक संस्थानों में पेड़ों की अवैध कटाई गंभीर चिंता का विषय है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *